इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स होते हैं खास नमूने; इन 11 लक्षणों से कर सकते हैं पहचान

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Updated on 14 Dec, 2015 at 3:59 pm

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इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स और उनकी पढ़ाई के तौर तरीके आम तौर पर गैर पारंपरिक होते हैं। बहुत से अनुभवी लोग तो देख कर पहचान लेते हैं कि “बंदा इंजीनियरिंग में पढ़ रहा है”। हमारी टीम ने इंजीनियरिंग छात्रों के लक्षणों पर लम्बे शोध के बाद कुछ ख़ास निष्कर्ष निकाले। यदि किसी में ये 11 लक्षण आपको दिखलाई पड़ रहे हों तो वो बंदा पक्का इंजीनियरिंग का स्टूडेंट है ।

1. इंजीनियरिंग में दाखिला लेने के साथ ही ‘बैक’  शब्द के मायने बदल जाते हैं। फाइनल ईयर आते-आते इस शब्द से एक गहरा जुड़ाव सा हो जाता है।

2. आप बहुत सारी सोशल स्किल्स सीख लेते हैं, जैसे टीचर्स के साथ सेटिंग करना, 20-30 के ग्रुप में रहना और असाइनमेंट का जुगाड़ करना इत्यादि।

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3. सभी कोर ब्रांचों के लड़के एक साथ अपने इंस्ट्रूमेंट और प्रोजेक्ट का जुगाड़ करते है, पर उनमे से एक भी ऐसा नहीं होता जिसे कुछ भी आता हो।

4. ‘वाइवा’ होती है सबसे बड़ी प्रताड़ना ! टीचर्स पूरे सेमेस्टर का बदला उस दिन वसूलते हैं।

5. अक्सर इंजीनियरिंग कॉलेज में आने से पहले एल्कोहल से कोई रिश्ता नहीं होता, पर कॉलेज छोड़ते समय यही अल्कोहल सबसे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग बन जाती है।

6. आपकी अटेंडेंस पहले साल से चौथे साल तक तेजी से घटती है, अंतिम साल तक तो ये दहाई के आंकड़े से भी नीचे चली जाती है।

7. एग्जाम एक ऐसा दरिया है, जिसमें डुबकी लगाकर बंदे सारे गिले-शिकवे भूल कर एक-दूसरे को सपोर्ट करते है। कई-कई बार तो पूरी-पूरी क्लास एक साथ को-ऑपरेशन दिखाती है।

8. फर्स्ट इयर में रैगिंग का विरोध करने वाले स्टूडेंट को चौथे साल तक इससे बड़ा ‘मोह’ हो जाता है। कितनी भी एंटी रैगिंग टीम क्यों न लग जाए,रैगिंग तो इंजीनियरिंग स्टूडेंट की हो ही जाती है।

9. इंजीनियरिंग कॉलेजों में लिंगानुपात, हरियाणा से भी बदतर है। छात्रों को इसके कारण भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

10. कॉलेज लाइफ के दौरान सूर्योदय के दर्शन होना दुर्लभ ही है। यदि कभी हो गए तो बच के चलिए ‘कुछ भी हो सकता है’।

11. परीक्षा के अंतिम हफ्ते में पूरे सेमेस्टर की पढ़ाई करना इंजीनियर की सबसे बड़ी खूबी है। ये और बात है की ये प्रोसेस पिछवाड़े का बहुत बुरा हाल कर देती है।

‘वन नाइट स्टडी’ जैसे जुमले इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान आम है। (मुझे भरोसा है की ऐसा तो केवल हमारे इंडियन इंजीनियर ही कर सकते है।

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