अब भारत में हाइपरलूप ट्रेन चलाने की तैयारी, एक घंटे में 1200 किलोमीटर का सफर

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Updated on 1 Mar, 2017 at 12:02 pm

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अब भारत में हाइपरलूप ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है। केन्द्र की मोदी सरकार भारतीय रेल को तेज तर्रार बनाने के लिए लगातार अपनी प्रतिबद्धता दिखाती रही है। वहीं, भारत सरकार के सपनों को पंख लगा रही है हाइपरलूप वन नामक एक अमेरिकी कंपनी।

Hyperloop

हाइपरलूप वन ने नई दिल्ली में मंगलवार को ‘विजन फॉर इन्डिया’ विषय पर सम्मलेन आयोजित किया। इस सम्मेलन में रेलमंत्री सुरेश प्रभु सहित नीति आयोग और अन्य विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

हाइपरलूप वन के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष रॉब लॉयड कहते हैंः

“हम भारत सरकार के साथ शुरूआती दौर की बातचीत में हैं। इस योजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर आगे बढ़ा सकते हैं।”

लॉयड का मानना है कि इस परियोजना को केन्द्र सरकार द्वारा बहु-प्रचारित मेक इन इन्डिया से भी जोड़ा जा सकता है, ताकि देश में ट्रान्पोर्ट सिस्टम में आमूल-चूल परिवर्तन लाया जा सके।


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माना जा रहा है कि हाइपरलूप के अस्तित्व में आने पर दिल्ली से मुंबई का सफर महज 60 मिनट में और मुंबई से चेन्नै का सफर सिर्फ 30 मिनट में पूरा हो सकता है। अगर दूरी व समय के हिसाब से देखें तो हवाई जहाज में इससे अधिक समय लगता है। ‘हाइपरलूप वन’ का दावा है कि चुंबकीय आधारित टेक्नॉलजी की मदद से वह सामान और यात्रियों को बेहद तेज गति से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचा सकती है।

हाइपरलूप वन इन दिनों संयुक्त अरब अमीरात में इस तरह के ट्रान्सपोर्ट सिस्टम पर काम कर रही है। वहीं अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया में इसे लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।

भारत में काम शुरू करने की इच्छुक हाइपरलूप वन ने 5 रूटों का सुझाव दिया है।

इससे पहले हाइपरलूप ट्रेन्स बनाने का दावा करने वाली एक अन्य कंपनी हाइपरलूप ट्रान्सपोर्टेशन टेक्नोलॉजी ने भारत में इस ट्रेन को चलाने की बात कही थी। कंपनी के सह-संस्थापक बी. गैब्रियल ग्रेस्टा ने कहा था कि वह भारत में यातायात की इस नई व्यवस्था को शुरू करना चाहते हैं।

हाइपरलूप ट्रान्सपोर्टेशन टेक्नोलॉजी का दावा है कि वैक्यूम (बिना हवा) ट्यूब सिस्टम से गुजरने वाली कैप्सूल जैसी हाइपरलूप सुपरसोनिक रफ्तार से दौड़ेगी। इसकी रफ्तार 750 मील (1224 किलोमीटर) प्रति घंटा होगी।

ग्रेस्टा अपनी योजना को लेकर भारत के परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी से भी मिल चुके हैं।

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