हाइपरलूप वन का पहला परीक्षण सफल हुआ, लेकिन परिवहन क्रान्ति अभी दूर है

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Updated on 15 Jul, 2017 at 3:13 pm

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परिवहन जगत में क्रान्ति के रूप में पेश किए जा रहे हाइपरलूप वन के पहले परीक्षण के सफल होने की बात कही जा रही है। अमेरिका के लॉस वेगास शहर के बाहरी इलाके में स्थित नेवडा में अपने पहले परीक्षण के दौरान हाइपलूप पॉड ने करीब 100 फुट लंबे ट्यूब में 70 मील प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ लगाई। यह दौड़ करीब 5.3 सेकेन्ड तक रही।

इससे पहले कंपनी ने दावा किया था कि हाइपरलूप पॉड 760 मील प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सकेगी और इससे परिवहन जगत में एक क्रान्ति आएगी। ‘हाइपरलूप वन’ का दावा है कि चुंबकीय आधारित टेक्नॉलजी की मदद से वह सामान और यात्रियों को बेहद तेज गति से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचा सकती है।

हालांकि, ताजा परीक्षण को देखते हुए कहा जा सकता है कि यह कथित परिवहन क्रान्ति अभी बहुत दूर है।


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एलन मस्क की कंपनी हाइपरलूप वन ने पिछले अप्रैल महीने में 11 प्रस्तावित रूट की जानकारी देते हुए दावा किया था कि अमेरिका में मात्र दो घंटे के समय 1 हजार मील की यात्रा अब संभव हो सकेगी। उसी समय कंपनी ने लॉस वेगास के बाहरी इलाके में 1640 फुट लंबे डेवलूप टेस्ट ट्रैक की जानकारी भी दी थी।

इससे पहले हाइपरलूप वन के अधिकारियों ने भारत में इस प्रणाली को लाने पर विचार की बात कही थी।

कंपनी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉब लॉयड ने दावा किया था कि हाइपरलूप के अस्तित्व में आने पर दिल्ली से मुंबई का सफर महज 60 मिनट में और मुंबई से चेन्नै का सफर सिर्फ 30 मिनट में पूरा हो सकता है। अगर दूरी व समय के हिसाब से देखें तो हवाई जहाज में इससे अधिक समय लगता है।

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