पूर्वजों ने पनीर खाना शुरू किया इसलिए हमारी खोपड़ी छोटी हो गई!

Updated on 29 Aug, 2017 at 5:39 pm

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अपने पूर्वजों से संबंधित तो कई शोध आपकी नजर में आए होंगे, लेकिन हम जो कुछ बताने जा रहे हैं वह उनसे अलग है। शोधकर्ताओं का दावा है कि हमारे पूर्वजों ने जब से पनीर खाना शुरू किया, तब से उनकी खोपड़ी छोटी होने लगी।

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का दावा है कि जब से हमारे पूर्वजों ने पनीर, चीज व अन्य दुग्ध उत्पादों का उपयोग करना शुरू किया तब से उनके हाथ और जबड़े कमजोर होने लगे। इसके फलस्वरूप इन्सान की खोपड़ी का आकार छोटा होने लगा।

इसका कारण बताते हुए शोधकर्ता कहते हैं कि जब मानव जाति दुग्ध उत्पादों का इस्तेमाल करने लगी तब उनकी शिकार पर निर्भरता खत्म होने लगी। वे मुलायम चीज खाते थे, और इस तरह उनके जबड़ों पर दबाव कम पड़ने लगे। यही वजह है कि उनके जबड़े कमजोर होने लगे।



कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने दनिया के अलग-अलग इलाकों से एकत्रित की गई करीब 1 हजार मानव खोपड़ियों पर अध्ययन किया है। इन खोपड़ियों को दो भागों में विभक्त किया गया। पहले हिस्से में उन लोगों की खोपड़ियां रखी गईं, जो खेती बाड़ी पर निर्भर करते थे और डेरी उत्पादों का इस्तेमाल करते थे। जबिक दूसरे हिस्से में शिकार पर निर्भर मनुष्‍यों की खोपड़ियां शामिल की गई थीं।

इस रिसर्च में निकल कर आया कि जैसे जैसे मनुष्‍य फार्मिंग और पशुपालन की तकनीक विकसित करके फल सब्‍जियों और पशुओं के दूध से बनने वाले डेरी उत्‍पादों का प्रयोग बहुतायत में करने लगा उसके जबड़े सिकुड़ने लगे और खोपड़ी का आकार भी घटने लगा।


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