साम्प्रदायिक हिंसा के बाद पश्चिम बंगाल के धुलागढ़ में अब भी जारी है तनाव, कर्फ्यू

author image
Updated on 21 Dec, 2016 at 5:56 pm

Advertisement

पश्चिम बंगाल में हावड़ा के धुलागढ़ में साम्प्रदायिक तनाव अब भी जारी है। इलाके में शांति-व्यवस्था कायम रखने के लिए कर्फ्यू जारी है और पुलिस पेट्रोलिंग चल रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने दंगों के बाद पुलिस व प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। धुलागढ़ में जिस तरह से परिस्थितियां बदल रही हैं, उससे लगता है कि यहां मालदा सरीखे हालात हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नए सिरे से सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह धुलागढ़ में मुस्लिमों की एक धार्मिक रैली के बाद हिंसक भीड़ ने यहां जमकर लूटपाट की और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। आम लोगों के घरों को भी नहीं बख्शा गया। पिछले सप्ताह चार दिन मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को यहां सांप्रदायिक हिंसा चलती रही थी। पूरे इलाके में जगह-जगह बम फेंके गए, गोलियां चली। इस वजह से यहां दहशत का माहौल है। धुलागढ़ में मुसलमानों की आबादी अधिक है। यहां हिन्दू हासिए पर चले गए हैं। पीड़ित हिन्दुओं का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। अगर कार्रवाई की गई होती तो हालात काबू में होते।

बताया गया है कि धुलागढ़ के बनर्जी पाड़ा, पश्चिम पाड़ा, दक्षिण पाड़ा, दावनघाटा, नाथ पाड़ा सहित कुछ इलाकों में उपद्रवियों ने 100 से अधिक मकानों में तोड़फोड़ करते हुए गैस सिलिंडर से आग लगा दी गई। करीब 80 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानों को फूंक दिया गया। आरोप है कि उपद्रवी एक-एक कर घरों और दुकानों पर बम से हमला करते गये लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। सब कुछ खत्म हो जाने के बाद पुलिसकर्मी सक्रिय हुए।


Advertisement

हावड़ा के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं। हिंसा के बाद से अब तक 50 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

भाजपा और तृणमूल आमने-सामने

धुलागढ़ में साम्प्रदायिक हिंसा के बाद भारतीय जनता पार्टी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल को बम बनाने की फैक्ट्री के रूप में तब्दील कर दिया है। वहीं, राज्य सरकार ने पूरे इलाके में भाजपा नेताओं के आने पर रोक लगा दी है।

भाजपा का आरोप है कि ममता बनर्जी की सरकार की नाकामी की वजह से राज्य में अलग-अलग स्थानों पर हिंसक घटनाएं हो रही हैं। मालदा के कालियाचक से लेकर धुलागढ़ तक में हो रही हिंसा तृणमूल सरकार की नाकामी है।

Advertisement

आपके विचार