हावड़ा ब्रिज बना है 26,500 टन इस्पात से, लागत आई थी 333 करोड़ रुपए

author image
Updated on 28 Aug, 2016 at 6:24 pm

Advertisement

हावड़ा ब्रिज का नाम जेहन में आते ही कोलकाता का ख्याल आता है। यह ब्रिज कोलकाता शहर की पहचान है। ब्रिटिश राज की याद दिलाने वाला यह पुल अपने आप में ऐतिहासिक धरोहर है।

वर्ष 1943 में फरवरी को इस पुल को आम लोगों के लिए शुरू कर दिया गया था।

हालांकि इसका निर्माण शुरू हुआ था वर्ष 1939 में।

इससे पहले हुगली नदी हावड़ा और कोलकाता को जोड़ने के लिए तैरता हुआ पुल था।

Howrah Bridge

wiki


Advertisement

हावड़ा ब्रिज जब बनकर तैयार हुआ तो इसका नाम रखा गया था, न्यू हावड़ा ब्रिज।

बाद में 14 जून 1965 को गुरु रवींद्रनाथ टैगोर के नाम पर इसका नाम रवींद्र सेतु कर दिया गया। हालांकि, बहुत लोग इसके बारे में जानते हैं।

इस पुल पर रोजाना एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं।

हावड़ा ब्रिज में इस्तेमाल किया गया अधिकतर इस्पात भारत में बना था। इसको बनाने में 26,500 टन इस्पात लगा था और लागत आई थी 333 करोड़ रुपए।

इस ब्रिज ने न केवल आमजनों, बल्कि कई फिल्मकारों को भी प्रभावित किया है। फिल्मकार शक्ति सामन्त ने एक फिल्म बनाई। नाम था हावड़ा ब्रिज।

spuul

spuul


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement