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तेलंगाना ऑनर किलिंग: झूठी शान के नाम पर एक पिता ने अपनी बेटी का ही सुहाग उजाड़ दिया

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7:15 pm 17 Sep, 2018

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आज हम एक ऐसे देश में सांस ले रहे हैं जहां दो प्यार करने वालों को जाति के नाम पर एक-दुसरे से जुदा कर दिया जाता है। उनके प्यार को चाकू और तलवारों से छलनी कर दिया जाता है।

ऐसा ही कुछ हुआ तेलंगाना के इस जोड़े के साथ, जिनका प्यार जूठी शान रखने वालों को रास नहीं आया। 23 साल का प्रणय दलित, जबकि उसकी पत्नी अमृता ऊंची जाति की थी। प्रणय तब 10वीं कक्षा और अमृता 9वीं में थी जब दोनों के बीच दोस्ती हुई। दोनों ने बीटेक की पढ़ाई की। फिर जब इन दोनों ने अपने-अपने परिवारों से एक-दूसरे से शादी करने की इच्छा जताई तो अमृता के पिता मारुति राव ने साफ़ मना कर दिया। 6 महीने पहले दोनो घरवालों के खिलाफ जाकर शादी के बंधन में बंधे। दोनो को ही उनके जीवन में आने वाली खुशियों का बेसब्री से इंतज़ार था। दरअसल अमृता गर्भवती थी। दोनो इन्हीं खुशियों के साथ आज़ाद परिंदे की तरह उड़ जाना चाहते थे। लेकिन उन्हें पता नहीं था कि ये समाज उनकी खुशियां छीन लेगा।

 

 

अमृता के परिवार वाले इस शादी को लेकर खुश नहीं थे। उसके पिता ने बेटी को गर्भपात कराने की सलाह दी। मगर जब बेटी नहीं मानी तो पिता ने अपने ही दामाद को मरवाने के लिए सुपारी किलर को 10 लाख रुपए दिए। और फिर अमृता के सामने ही अस्पताल परिसर में सरेआम धारदार हथियार से उसके सुहाग की हत्या कर दी गई। जोड़ा अस्पताल चेकअप के लिए पहुंचा था। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है।

 


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अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि 23 साल का शख्स अपनी पत्नी के साथ बाहर की ओर आ रहा है। तभी चाकू लेकर बेकौफ हत्यारा दिन के उजाले में सरेआम उसपर हमला कर देता है। उसके सिर पर वार किया जाता है और वो लहुलुहान होकर सड़क किनारे गिर जाता है। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो जाता है। अमृता के पिता और चाचा को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। तेलंगाना पुलिस ने कहा कि हत्या करने वाले को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

 

अपनी बेटी का सुहाग उजाड़ने का उस पिता को ज़रा भी अफसोस नहीं है। गिरफ्तार किए जाने के बाद लड़की के पिता ने पुलिस से कहा कि उसके लिए बेटी से ज्यादा उसका सम्मान ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस ऑनर किलिंग मामले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है।

 

उधर अमृता इस सदमे से उबर नहीं पा रही है और अस्पताल में भर्ती हैं। वह पेट में पल रहे प्रणय के बच्चे में खुद का भविष्य देख रही है और बार-बार एक ही सवाल पूछ रही है इस समय और जमाने में भी जाति इतनी महत्वपूर्ण क्यों है।

अपने पति की हत्या के बाद अमृता ने कहा कि वह अब कभी अपने पिता के घर नहीं जाएगी। वह बाकी जिंदगी अपने सास-ससुर के साथ रहकर गुजारेगी।

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