इन 5 अलौकिक घटनाओं ने दुनिया को आज भी सख्ते में डाला हुआ है

1:47 pm 20 Sep, 2018

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पूरी दुनिया रहस्यों से भरी हैं। समय-समय पर अलग-अलग जगहों के कई रहस्य जब सामने आते हैं तो लोग आश्चर्यचकित रह जाते हैं। विज्ञान, आत्मा और भूत जैसी किसी चीज़ पर विश्वास नहीं करता, मगर दुनिया में कई ऐसी अलौकिक चीज़ें हुई हैं, जिसके होने की असल वजह आज तक कोई नहीं जान सका है। ऐसे ही कुछ विचित्र घटनाओं के बारे में चलिए हम आपको बताते हैं।

 

जापान के टैक्सी वाले जो भूतों को बिठाते हैं

मार्च 2011 में जापान में भयंकर भूकंप आया और उसके साथ आई सुनामी की वजह से आकंड़ों के मुताबिक, वहां करीब 16000 लोग मारे गए। इस घटना के महीनों बाद देश के तटीय इलाकों में रहने वाले समुदायों ने कुछ अजीब घटनाएं अनुभव की। ऐसी कई खबरें आईं कि टैक्सी में बैठते ही पैसेंजर भूत बन जाते थे। ऐसी ही एक घटना है जब एक महिला बैठी और उसने टैक्सी वाले को सुनामी के कारण बर्बाद हो चुकी जगह पर जाने के लिए कहा, जब टैक्सी वाले ने कहां कि वहां तो कुछ भी नहीं सब खत्म हो चुका है तो महिला ने कहा मैं भी मर चुकी हूं, उसके बाद वो गायब हो गई। टैक्सी ड्राइवर के अलावा और भी कई लोगों ने ऐसी अजीब चीज़ें देखी और महसूस की।

अलौकिक घटनाएं (Supernatural Events)


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सपने में आने वाले भविष्य को देखना

आपने शायद प्रीकॉग्निटिव ड्रीम के बारे में सुना होगा, यानी कुछ लोगों को भविष्य में क्या होने वाला है इसका आभास पहले ही हो जाता है। अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के साथ भी ऐसा ही हुआ। एक बार उन्होंने सपना देखा कि वो व्हाइट हाउस में बैठे हैं और कहीं से लोगों के रोने की आवाज़ आ रही है। लिकंन ने खोजने की कोशिश की आखिर ये आवाज़ आ कहां से रही है। फिर वो एक कमरे में पहुंच जाते हैं, जहां लोग इकट्ठा होते हैं और किसी की अंतिम यात्रा की तैयारी कर रहे होते हैं, वो सपने में गार्ड से पूछते है कि  कौन मर गया है तो वो जवाब देता है- अमेरिका के राष्ट्रपति। लिंकन ये सपना देख परेशान ज़रूर हो गए थे, लेकिन वो इन सब पर विश्वास नहीं करते थें। उन्होंने अपने सपने के बारे में कई लोगों को बताया हुआ था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस सपने के कुछ दिनों बाद ही एक थिएटर में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

अब्राहम लिंकन (Abraham Lincoln)

 

शांति देवी के पुनर्जन्म का अनोखा मामला

पुनर्जन्म को लेकर हमेशा बहस होती रहती है। ये सच है या नहीं ये तो पता नहीं, मगर कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनके बाद इसे पूरी तरह से झुठलाया भी नहीं जा सकता। शांति देवी का मामला उन्हीं में से एक है। 1926 में जन्मी शांति देवी लोगों को अपने पिछले जन्म के किस्से सुनाने लगी थी वो भी सिर्फ 4 साल की उम्र से ही। वो बताया करती थीं कि पिछले जन्म में उनकी शादी मथुरा के किसी केदारनाथ से हुई थी। और जब इस बात की पड़ताल की गई तो सच में केदारनाथ नामक आदमी न सिर्फ जीवित था। केदारनाथ जब शांति देवी से मिलने पहुंचा तो शांति ने उस शख्स को झट से पहचान लिया।



शांति देवी ने केदारनाथ और उसकी मर चुकी पत्नी लुगदी देवी के बारे में ऐसी-ऐसी बातें बताई, जिसके बाद सबको यकीन हो गया कि शांति देवी का ये पुनर्जन्म है। बता दें कि शांति देवी ने आजीवन शादी नहीं की और न ही कभी केदारनाथ के पास वापस गई। मरने तक वो मीडिया को इंटरव्यू देती रही। यहां तक कि महात्मा गांधी ने भी इस केस की जांच के लिए कमिशन बैठाया जो इस नतीजे पर पहुंची कि शांति देवी ही लुगदी देवी का पुनर्जन्म है।

शांति देवी (Shanti devi)

 

 सूरज का ‘नृत्य’

इस घटना को वैज्ञानिक भी नकार नहीं सके, करीब एक लाख लोग इस घटना के गवाह बने थे। दरअसल, पुर्तगाल के फातिमा में 3 छोटे बच्चे रोज़ना वर्जिन मैरी के दर्शन के लिए जाने लगे। बच्चों ने मैरी से अनुरोध किया कि वो सबके सामने चमत्कार दिखाए। फिर उन्होंने ये खबर सब जगह फैला दी कि 13 अक्टूबर 1917 को चमत्कार होने वाला है। स्थानीय अखबारों में भी चमत्कार की खबर छपी। फिर दोपहर के समय जब बारिश रुक गई तो सूरज की रोशनी तेज न होकर बहुत मद्धिम थी। वो डूबने की स्थिति में लग रहा था, लेकिन थोड़ी ही देर बाद वो तेज रोशनी के साथ ऊपर दिखने लगा। इस घटना को आधिकारिक तौर पर 13 अक्टूबर, 1 930 में  चमत्कार तक घोषित किया गया।

सूरज का नृत्य (miracle of the sun)

 

शैतान के पैर के निशान

फरवरी 1855 में इंग्लैंड के डेवन में स्थानीय लोगों ने देखा कि बर्फ पर रहस्यमयी रूप से पैरों के निशान बने थे, जो 40 मील से 100 मील तक फैले थे। इनके बारे में अजीब बात ये थी कि ये केवल एक पैर के ही थें और काफी दूर तक फैले थे। ये निशान जमी हुई नदी, मैदान, छत, दीवार और नाली के पाइप पर भी थे। स्थानीय लोगों ने इसे शैतान के पैरों का निशान बताया।

अलौकिक घटनाएं (supernatural events)


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