सदियों बाद खुला इतिहास की इन 5 खौफनाक हत्याओं का रहस्य, विज्ञान ने बताई मौत की वजह

Updated on 14 Apr, 2018 at 9:10 pm

Advertisement

हर सवाल का जवाब देने वाला विज्ञान भी कई बार दुनिया की अजीबगरीब चीज़ों से हैरान हो जाता है। ऐसा ही कुछ ऐतिहासिक मौत के रहस्यों के लेकर भी हुआ। इतिहास की कुछ दर्दनाक रहस्यमय मौतों  का राज विज्ञान ने सदियों बाद खोला। जबकि कुछ मौत के रहस्य आज भी रहस्य ही बने हुए हैं। आधुनिक विज्ञान ने जब कई सदियों पुरानी मर्डर मिस्ट्री का सच उजागर किया तो हर कोई हैरान रह गया।

 
 

1. तहखाने में मिला लड़के का कंकाल

 

मैरिलैंड में 1991 में एक 16 साल के बच्चे का कंकाल मिला। बाद में पता चला कि एरिन कुलेन नाम के शख्स को अपनी परियोजना की खुदाई में जो कंकाल मिला वो सदियों पुराना था। दरअसल, वैज्ञानिक जांच के बाद पता चला कि कंकाल एक कोकेशियन आदमी का है, जिसे 1665 से 1675 के बीच दफनाया गया। फॉरेंसिक जांच में यह भी पता चला कि उस आदमी के दांत, स्पाइन और कलाई टूटी हुई थी। वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला की ये लड़का घर का नौकर होगा, जिसका शोषण करने के बाद उसे मारकर दफना दिया गया ताकि किसी को उसकी मौत का पता न चले।
 
 

2. क्या राष्ट्रपति की हत्या हुई थी?

 

अमेरिका के 12वें राष्ट्रपति जेचरी टेलर की 9 जुलाई 1850 को मृत्यु हो गई थी। डॉक्टरों ने उनकी मौत का कारण पेट से जुड़ी बीमारी बताया था। मगर बात में उनकी मौत की एक और वजह सामने आई। दरअसल, टेलर पर उपन्यास लिख रही इतिहासकार क्लारा राइज़िंग ने पाया कि उनकी मौत के लक्षण कुछ वैसे ही थे जैसे किसी व्यक्ति को आर्सेनिक जहर देने पर होता है। जब जेचरी राष्ट्रपति थे उस वक्त अमेरिका में दास प्रथा का चलन था और राष्ट्रपति ने उसकी अवधि और बढ़ा दी थी। क्लारा का अनुमान था कि दास प्रथा खत्म न करने की वजह से लोग राष्ट्रपति से नाराज थे, इसलिए हो सकता है किसी ने उन्हें जहर दे दिया हो। इसके बाद कई फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने राष्ट्रपति के मृत शरीर की जांच की। एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट को उनके शरीर में आर्सेनिक तो मिला, मगर इससे ये बात साफ नहीं हो पाई कि उनके शरीर में जहर था। इसलिए राष्ट्रपति को मौत को कुदरती मौत ही माना गया, हत्या नहीं।
 
 

3. नेपोलियन की मौत का रहस्य


Advertisement

 

फ्रांस के सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट की 1821 में सेंट हैलेना द्वीप पर मृत्यु हो गई। लड़ाई में हार के बाद नेपोलियन को इस द्वीप पर निर्वासित कर दिया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी मौत पेट के अल्सर की वजह से हुई। हालांकि कई लोगों का कहना है कि उन्हें ब्रिटिश कैदियों ने जहर देकर मार दिया। 2007 में वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीक के साथ नेपोलियन की मौत की फिर से जांच कि जिसमें उनके बाल में बहुत ज़्यादा आर्सेनिक नामक जहर पाया गया। हालांकि, शरीर में ज़हर नहीं पाया गया, जबकि पेट में घाव और रक्तस्राव के सबूत थे, जिससे निष्कर्ष निकला की पेट का कैंसर उनकी मौत की वजह थी।
 
 

4. कुएं में कंकालों का ढेर

 

साल 2004 में नॉर्विच में पुरातत्व विभाग के लोगों को खुदाई में एक कुए से 17 लोगों के कंकाल बरामद हुए थे। पहले तो उन्हें लगा कि ये लोग शायद प्लेग की वजह से मर गए, लेकिन कार्बन डेटिंग के बाद पता चला कि ये यंकाल 12वीं या 13वीं सदी है और उस वक्त इंग्लैंड में प्लेग नहीं फैला था। इसके बाद डीएनए, बोन केमिकल, कार्बन डेटिंग जांच और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर शोधकर्ताओं ने यह पाया कि 17 में से 5 कंकाल एक ही यहूदी परिवार के हैं। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि शायद इन लोगों का उत्पीड़न हुआ होगा। हालांकि, मौत की असली वजह पता नहीं चल पाई, लेकिन सबूतों के आधार पर यही लगा कि या तो इन लोगों ने सामूहिक रूप से आत्महत्या की है या इन्हें मारा गया है। कंकाल के अवशेषों को बाद में यहूदी कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया।
 
 

5. जहर या इंफेक्शन, कैसे मरे थे टाइको ब्राहे?

 

टाइको ब्राहे मशहूर डैनिश खगोलविद थे। कहा जाता है कि 1601 में ब्लैडर इंफेक्शन की वजह से टाइको की मौत हो गई। लेकिन बाद में कहा गया कि उनके सहायक जोहान्स केप्लर ने टाइको को जहर देकर मार डाला, जिसके लिए उसने पारा का इस्तेमाल किया। हालांकि, 2010 में वैज्ञानिकों ने उनके शरीर का जब दोबारा परिक्षण किया तो उसमें किसी तरह का पारा नहीं मिला। जांच में पता चला की ब्लैडर (मूत्राशय) फटने की वजह से उनकी मौत हुई। अनुमान लाया गया कि टाइको शाही दावत पर बैठे थे और लोगों के बीच से उठकर बाथरूम जाने में उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई होगी। इसलिए ब्लैडर फटने या किडनी इंफेक्शन की वजह उनकी मौत हो गई।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement