30 सालों से बंद पड़ी इस मस्जिद को खुलवाकर हिंदुओं ने कायम की एकता और भाईचारे की मिसाल

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Updated on 26 Feb, 2017 at 9:46 pm

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इस समाज में जहां कई ऐसे लोग हैं जो धर्मों के बीच नफरत की दीवार गाड़ने में लगे रहते हैं। वहीं कई ऐसे भी है जो ऐसे नापाक मंसूबे रखने वाले धर्म के ठेकेदारों के मुंह पर तमाचा जड़ते हुए, एकता और सौहार्द की मिसाल पेश करते हैं।

इसी कड़ी में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए अहमदाबाद में कालूपुर इलाके में स्थित 30 सालों से बंद पड़ी मस्जिद को हिन्दुओं ने खुलवाया।

तकरीबन 100 साल पुरानी इस मस्जिद में 30 सालों बाद पहली बार अजान मार्च 2016 में दी गई। हिंदू इलाके में स्थित इस मस्जिद के पास रामजी, हनुमान और शेष नारायण के मंदिर भी बने हुए हैं।

आपको बता दे कि साल 1984 में कालूपुर इलाका भी साम्प्रदायिक हिंसा की चपेट में आया था, जिसमें कई हिन्दू और मुस्लिम लोगों का खून बहा था।  फिर साल 1993 में बाबरी मस्जिद संहार और 2002 के दंगों के बाद इस इलाके में साम्प्रदायिक सौहार्द बुरी तरह से प्रभावित हुआ। किसी भी तनाव की आशंका को देखते हुए मुस्लिम समुदाय ने इस मस्जिद में आना जाना बंद कर दिया।

लेकिन कई सालों से इस इलाके में पसरे हिंसा और तनाव की स्थिति को हिन्दू समुदाय के लोगों ने अपने भाईचारे के भाव से खुशनुमा और यादगार बना दिया। कई सालों से बंद पड़ी इस मस्जिद को खुलवाने के लिए इलाके के हिन्दू लोग एकजुट हो गए।


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हिन्दू लोगों ने मस्जिद की साफ-सफाई की और फिर उसकी मरम्मत के लिए जरूरी सभी संसाधन उपलब्ध कराए। आखिरकार, मार्च 2016 में मस्जिद दोबारा खुल गई।

इतना ही नहीं, इस मस्जिद की देखरेख की जिम्मेदारी मुस्लिम समाज के लोगों ने हिंदुओं को दी है। मस्जिद की चाबियां हिंदुओं के पास रहती है।

दूसरे धर्म के प्रति सम्मान का भाव दिखाती यह एक खबर देश को सकारात्मक संदेश देती है।

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