जाट आरक्षण के दौरान महिलाओं से रेप की खबर पर मचा हड़कंप, कोर्ट ने लिया संज्ञान

Updated on 6 Sep, 2017 at 2:22 pm

सोनीपत के मुरथल से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग पर महिला यात्रियों के साथ कथित तौर पर बलात्कार का मामला सामने आया है। द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना को तब अंज़ाम दिया गया, जब सोमवार की सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग, जाटों के आरक्षण के मांगों की वजह से प्रभावित थे।

हालांकि, राज्य सरकार ने इस रिपोर्ट को गलत व भ्रामक बताया है। इस बीच, हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले की जांच का निवेदन किया है।

द ट्रिब्यून की इस रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि पुलिस ने इस घटना को अफवाह समझ कर खारिज कर दिया, लेकिन अगर प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो कम से कम 10 महिलाओं के साथ जबरन यौन शोषण हुआ है। यही नहीं, पीड़ितों और उनके परिवारों को कथित तौर पर जिले के अधिकारियों ने ‘उनके इज़्ज़त की दुहाई’ देकर पूरे मामले की रिपोर्ट न लिखवाने की हिदायत भी दे डाली।


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अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तरफ जा रहे यात्रियों पर करीब 30 उपद्रवियों ने हमला किया था। उनके वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। अधिकांश यात्री जान बचाने के लिए राजमार्ग से सटे खेतों में भाग गये। लेकिन जो महिलाएं ऐसा करने में असफल रहीं, उनको खेतों में घसीट कर बलात्कार किया गया।

दहशत में वे महिलाएं तब तक उन खेतों में अर्ध-नग्न अवस्था में लेटी रहीं, जब तक उनको उनके परिजनों ने उन्हें तलाश नही लिया। समीप के गांव हस्सनपुर और कुरद के निवासियों ने पीड़ितों के लिए कपड़े, कंबल और वापस लौटने के लिए वाहनों का इंतजाम किया।



इस रिपोर्ट में बताया गया है कि हस्सनपुर और कुरद के निवासी रविवार से ही सुखदेव ढाबे पर डेरा डाले हुए थे, क्योंकि उपद्रवियों ने ढाबे पर आगज़नी और लूटपाट करने की कोशिश की थी।

अमरीक सिंह, जो ढाबे के मालिक हैं, ने द ट्रिब्यून अखबार को बताया कि उन्हें लगभग 3 बजे घटना के बारे में जानकारी हुई, जब उन्हें कुछ पीड़ितों के रोने की आवाज़ सुनाई दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिहाज़ से पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। कुछ देर बाद राजमार्ग पर एक किलोमीटर तक नाकाबंदी हटा दिया गया था। परंतु कुछ उपद्रवी जाकर खेतों में छुप गए थे।

कुछ वाहनों को जब्त करने के बाद और स्थिति को शांत समझ कर जब सुरक्षाकर्मी वापस लौट गये, तो खेतों में छुपे उपद्रवी बाहर निकल आए। पहले तो उन्होंने वाहनों पर पत्थरबाज़ी की, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती गई और उन्होंने वाहनों को आग के हवाले करना शुरू कर दिया। जब जान बचाने के लिए राहगीर भागे, तो उनमें से कुछ महिलाओं को पकड़ कर ज़बरदस्ती की गई।

इस बीच, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह सिर्फ एक अफवाह थी और कुछ भी नहीं है। साथ ही उन्होंने मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि उनको ऐसा लिखने से बचना चाहिए। इससे समाज में तनाव पैदा हो सकता है।

हरियाणा सरकार का रेप के आरोपों से इन्कार

इस बीच, हरियाणा सरकार ने उन आरोपों से इन्कार किया है कि मुरथल से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग पर महिला यात्रियों से बलात्कार किया गया था। राज्य सरकार ने इस कथित घटना की मीडिया रिपोर्ट्स को सरासर गलत और मनगढ़ंत बताया है। हफिंगटन पोस्ट इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधान सचिव देवेन्दर सिंह और पुलिस महानिरीक्षक परमजीत अहलावत ने आज यहां का दौरा किया।


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