निक जीजू को इंडिया में किससे था खतरा, जो इज़राइल से बुलाए 12 शूटर्स?

Updated on 4 Dec, 2018 at 7:29 pm

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निक-प्रियंका की शादी 1 और 2 दिसंबर को हिन्दू और क्रिश्चियन दो रीति-रिवाज़ों से हुई। निक-प्रियंका के फ़ैमिली मेंबर्स इस शादी के गवाह बने। इस शादी की ज़्यादा डीटेल्स तो किसी को नहीं मिली, लेकिन शादी के बीच एक ऐसी खबर सामने आई जिसे सुन आप भी हैरान रह जाएंगे। आप जानते हैं हमारे नेशनल जीजू, अपने निक जीजू को इंडिया में खतरा था।

 

 


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अरे हां! तभी तो निक जीजू के लिए इतनी सिक्योरिटी लगी हुई थी। निक जीजू अपनी हाईवोल्टेज शादी की थोड़ी सी भी जानकारी लीक नहीं होने देना चाहते थे। लेकिन दीदी को कहां जीजू की बात माननी थी। दीदी तो लगी थीं सोशल मीडिया पर अपनी शादी की फ़ोटो शेयर करने में।

 

 

शादी में इतनी सिक्योरिटी थी आने वाले मेहमानों से 500 रूपये के स्टांप पर साइन करवाया गया, ताकि वो शादी से जुड़ी कोई भी जानकारी शेयर न करें। शादी में आने वाले वेंडर्स को बार कोडिंग पास से ही एंट्री दी जा रही थी। वेंडर्स को अपने मोबाइल फ़ोन भी गेट पर ही जमा करने को कहा गया था। इतनी हाई सिक्योरिटी के बावजूद सबने निक-प्रियंका की मेहंदी, संगीत सारी रस्मों के फ़ोटोज़ तो देख ही लिए।

 



उमैद भवन में इस हाईवोल्टेज शादी के लिए पहले से ही काफ़ी सिक्योरिटी थी। उमैद भवन की किलेबंदी की गई थी। हरियाणा की एक सिक्योरिटी कंपनी को सुरक्षा व्यवस्था के लिए रखा गया था। लेकिन शायद निक जीजू को इंडिया की सिक्योरिटी पर भरोसा नहीं था तभी तो वो अमेरिका की एक सिक्योरिटी कंपनी से 100 गार्ड्स लेकर आए थे।

 

 

इतना ही नहीं, निक जीजू ने तो इज़राइल से भी 12 शूटर्स बुलवाए थे। इन शूटर्स को उमैद भवन के आसपास कोई भी घूमने वाले ड्रोन को शूट करने के आदेश दिए गए थे।

 

 

ये शूटर्स इज़राइल से तो बुलवाए गए, लेकिन सवाल ये है क्या ये इज़राइल से ही अपने साथ वेपन्स लेकर भारत आए थे, या फिर किसी ने लोकल स्तर पर ही इन्हें भारत में हथियार मुहैया कराए? क्योंकि फ्लाइट में सफ़र के दौरान इस बात का खासतौर पर ख्याल रखना पड़ता है हमारे पास किसी भी तरह की कोई नुकीली चीज़, हथियार, लाइटर, कोई भी ज़हरीली चीज़, एक्सप्लोसिव आइटम, ब्लेड और नेल कटर न हो।

बावजूद इसके निक-प्रियंका की शादी में 12 शूटर्स गए। अब सवाल ये उठता है ये शूटर्स हथियार अपने साथ लेकर गए थे या इन्हें जोधपुर में ही हथियार मुहैया करवाए गए। अगर ये प्लेन में हथियार लेकर गए थे तो ये कैसे मुमकिन है? और अगर जोधपुर में हथियार मुहैया करवाए गए तो किसने इसमें इनका साथ दिया? ये एक बड़ा सवाल है।

अगर आपके पास इससे जुड़ी कोई भी जानकारी है तो हमारे साथ ज़रूर शेयर करें।


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