इस एक व्रत को करवा चौथ से भी कठिन माना जाता है, जानें क्यों

Updated on 27 Oct, 2018 at 2:38 pm

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देशभर में आज करवा चौथ मनाया जा रहा है। इस पर्व पर महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। लेकिन एक व्रत ऐसा भी है जो करवा चौथ से भी कठिन माना जाता है। गृहस्थ जीवन के प्रेरक के तौर पर शिव-पार्वती की जोड़ी आदर्श मानी जाती है। इनको लक्ष्य कर कई परम्पराएं हैं जिनमें हरतालिका तीज भी एक है। मनवांछित खुशी और सुखी गृहस्थ जीवन के लिए महिलाएं ये तीज रखती हैं जो बेहद कठिन माना जाता है और नियम-निष्ठा से किया जाता है।

 

भाद्र शुक्ल पक्ष की तृतीया को सौभाग्यवती महिलाएं तीज मनाती हैं जिनमें शादीशुदा स्त्रियां शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।

 

जहां करवा चौथ वाले दिन सुहागिन महिलाएं चांद को देखने के बाद अपना व्रत तोड़ती हैं, वहीं तीज के व्रत में पूरे दिन निर्जल व्रत रख अगले दिन पूजा करने के बाद व्रत तोड़ा जाता है।

 


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पति की लंबी आयु के लिए विवाहित स्त्री तीज करती हैं तो वहीं अविवाहित लड़कियां भी मनचाहे वर व उनकी लंबी आयु की कामना से व्रत रखती हैं।

 

तीज के दौरान सभी पहरों में शिव-पार्वती की आराधना की जाती है तो वहीं जिस महिला ने व्रत रखा है वोरात्रि जागरण करते हुए भजन गाती हैं। इस व्रत के व्रती को सोना मना होता है। एक बार शुरू करने के बाद इस व्रत को प्रत्येक वर्ष करना जरूरी होता है।

व्रत रखने वाली महिला इस दिन अगर किसी सुहागिन महिला हो शृंगार की सामग्री, फल, मिठाई आदि दान करती है तो उसे शुभ माना जाता है।

 

मान्यता है सबसे पहले माता पार्वतीने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इस पर्व का पालन किया था। तब से ही तीज मनाने की परंपरा शुरू हुई। देश के विभिन्न हिस्सों में थोड़े-बहुत परिवर्तन के साथ इस पर्व को मनाया जाता है।

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