शास्त्रीय संगीत का है रचनात्मकता से नाता!

Updated on 12 Sep, 2017 at 11:25 pm

Advertisement

संगीत सुनने से तनाव कम होता है, आप ये तो जानते ही होंगे, लेकिन अब एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि हैप्पी म्यूज़िक यानी सुखद संगीत यानी शास्त्रीय संगीत सुनने से आपकी क्रिएटिविटी भी निखरती है। शायद आपने देखा होगा कि अक्सर क्रिएटिव काम करने वाले लोग कान में हेडफोन लगाए कुछ न कुछ संगीत सुनते रहते हैं। यह प्रवृत्ति संभवतः इसी से संबद्ध है।

अक्सर कॉफी शॉप पर या अन्य जगहों पर जहां लोग रिलैक्स होने के लिए आते हैं। कुछ लोगों को आप हमेशा हेडफोन लगाकर गाना सुनते देखते होंगे। कई बार आप सोचते भी होंगे कि अरे यार कितना गाना सुनता है, ये इंसान। लेकिन आपको शायद यह नहीं पता है कि सुखद संगीत (हैप्पी म्यूज़िक) सुनने से इंसान की रचनात्मकता बढ़ती है। यदि आप भी किसी क्रिएटिव फील्ड से जुड़े हैं, तो आपको शायद ये पता होगा। किसी भी तरह का संगीत सुनने की बजाय हैप्पी म्युज़िक ही क्यों रचनात्मक क्षमता बढ़ाता है, इस बारे में शोधकर्ताओं का कहना है कि हैप्पी म्युजिक से डोपेमाइन हार्मोन रिलिज़ होती है, जो आपको अच्छा महसूस कराता है और जब आप खुश रहते हैं। सकारात्मक रहने से क्रिएटिविटी बढ़ती है।

स्मिथसोनियन की इस रिपोर्ट के मुताबिक, नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने हिस्सा लेने वाले 155 लोगों को अलग-अलग समूहों में बांट दिया। इस शोध में ऑस्ट्रेलिया के यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्नोलॉजी, सिडनी के सदस्य भी शामिल थे। अलग-अलग वर्ग के लोगों ने शांत, सुखद, उदासी और बेचैनी भरा संगीत सुना। वहीं, एक एक समूह ने चुप रहकर काम किया। संगीत शुरू होने के बाद हिस्सा लेने वाले लोगों को अलग-अलग संज्ञानात्मक कार्य दिए गए और बाद में उनकी रचनात्मक सोच का परीक्षण किया गया। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि सुखद संगीत, जिसे उन्होंने शास्त्रीय संगीत के रूप में परिभाषित किया, सुनने वालों ने सबसे विविध और रचनात्मक कार्य किए।

इससे साफ ज़ाहिर है कि आप अगर हैप्पी म्युज़िक सुनते हैं, तो आपकी रचनात्मकता और निखर जाएगी।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement