शहीद हनुमंथप्पा की पत्नी ने बयां किया अपना दर्द, कहा- मत करो शहीदों का अपमान

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Updated on 26 Feb, 2016 at 3:37 pm

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एक तरफ JNU में राष्ट्रविरोधी नारों की आग सुलगी, जिस पर अभी तक राजनैतिक रोटियां सेंकी जा रही है। वहीं, सियाचिन में बर्फ की कफ़न ओढ़ शहीद होने वाले हनुमंथप्पा की पत्नी महादेवी ने अपना दर्द बयां किया है।

उन्होंने देश में चल रही राष्ट्रद्रोही गतिविधियों में शामिल न होने की अपील करते हुए कहा कि देश के खिलाफ बयानबाजी कर शहीदों की शहादत का अपमान न किया जाए।

Hanumanthappa Wife

हनुमंथप्पा की पत्नी महादेवी india

नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये बात कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का होना बेहद ही दुख की बात है। बल्कि देश के हर युवा को अपनी मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

महादेवी ने कहा कि मेरा बेटा तो नहीं है, लेकिन अपनी बेटी को मैं बेटे की तरह बड़ा करूंगी और सेना में भेजूंगी। ‘भारत माता है, तो हम है’ की बात कहते हुए उन्होंने कहाः

“मेरे पति सेना में जाना चाहते थे। वह पुलिस के लिए चुन लिए गए थे, लेकिन वह सेना में गए। मैंने देश में चल रही राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के बारे में सुना है। इससे मुझे दुःख पहुंचा है। हम भारत में पैदा हुए हैं और भारत माता ने अपनी सरजमीं हमें रहने के लिए दी है, लेकिन हम उसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। युवा ऐसा बिल्कुल न करें। हमें अपनी जिंदगी देश के लिए देने के लिए तैयार रहना चाहिए।”



गौरतलब है कि डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बाद भी देश के वीर जवान हनुमंथप्पा को नहीं बचाया जा सका था।

देशभर में उनकी सलामती के लिए प्रार्थनाओं और दुआओं के बावजूद वह ज़िन्दगी से अपनी जंग हार गए थे। हनुमंथप्पा ने दिल्ली के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली थी।


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