हनुमान जी की मूर्ति से होता है वास्तुदोष दूर, आसान है तरीका

Updated on 10 May, 2018 at 7:08 pm

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कहा जाता है कि हनुमानजी ऐसे देवता हैं, जो आज भी धरती पर विचरण करते हैं। मान्यता है कि पवनपुत्र हनुमान रामकथाओं में शामिल होते हैं, लेकिन कोई उन्हें देख नहीं पाता है या फिर पहचान नहीं पाता है। हनुमानजी आज भी सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले देवता माने जाते हैं। इनका एक नाम संकटमोचन भी है और ये संकट हरने वाले हैं।

जब बात वास्तुदोष की आती है तो भी हनुमानजी भरपूर सहायक होते हैं।

 

वास्तुशास्त्र के अनुसार, दक्षिण दिशा के स्वामी मृत्यु के देवता यमराज होते हैं। लिहाजा इस दिशा को संकट का द्वार भी कहा जाता है। घर बनाते वक्त लोग इस बात का ख्याल रखते हैं कि घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा की ओर न हो। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी चुम्बकीय प्रभाव के कारण दक्षिण दिशा की तरफ पैर करके सोना वर्जित है।


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अगर घर का दरवाजा दक्षिण दिशा की ओर हो तो वास्तुदोष को हटाने के लिए मुख्य दरवाजे के सामने एक बड़ा सा शीशा लगाएं। ऐसा करने से अगर कोई घर में प्रवेश करता है तो उसका प्रतिबिम्ब शीशे में बनता है। इस तरह नकारात्मक ऊर्जा रिफ्लेक्ट होकर वापस लौट जाती है। आप नकारात्मकता से बचे रहेंगे!



 

 

इसी तरह, द्वार के ठीक सामने आशीर्वाद मुद्रा में बैठे हनुमानजी की मूर्ति या तस्वीर लगाने से वास्तुदोष दूर हो जाता है। इसके साथ ही अगर घर की तिजोरी दक्षिण दिशा में है तो तुरंत उसे बदलें। ऐसा नहीं करने से धन की हानि हो सकती है। लिहाजा दक्षिण दिशा वास्तु के हिसाब से त्याज्य है। यदि अथक मजबूरी हो तभी इस दिशा में द्वार बनाएं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इस वास्तुदोष को आप हनुमानजी की मूर्ति लगाकर दूर कर सकते हैं।

 

भक्तों पर हनुमानजी सब तरह से सहाय होते हैं…संकट कटे मिटे सब पीरा!


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