हवा में उल्टा लटककर चलने वाली इस ट्रेन का सफर है बेहद रोमांचक, रोजाना हजारों यात्री चलते हैं

Updated on 31 Jul, 2018 at 6:23 pm

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इसमें कोई शक नहीं कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है। दुनियाभर में लोग अपनी जरूरत के अनुसार ही नई चीजों की खोज करते आए हैं। एक विकसित और सुनिश्चित समाज की कल्पना में वैज्ञानिक आज भी नए शोध कर रहे हैं। कुछ साल पहले जर्मनी के वुपर्टल शहर को भी एक ऐसे ही आविष्कार की जरूरत महसूस हुई और तब वहां हैंगिंग ट्रेन अस्तित्व में आया।

 

 


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दरअसल, जर्मनी का वुप्पर्टल शहर काफी पहले ही विकसित हो गया था। कुछ ही समय में ये शहर इतना व्यस्त हो गया की वहां ट्रेन चलाने की जगह भी नहीं बची। यह शहर पहाड़ी इलाकों पर बसा है, जिसकी वजह से ट्रेन्स को भूमिगत तरीके से नहीं चलाया जा सकता था।

इस समस्या का विकल्प तलाश रहे इंजीनियर्स ने एक अनोखी खोज की, उन्होंने हैंगिंग ट्रेन का आविष्कार किया, जो उलटी लटककर चले। आखिरकार साल 1901 में इस ट्रेन को तैयार कर लिया गया।

 

 

आज ये हैंगिंग ट्रेन करीब 40 फीट की ऊंचाई पर रोजाना 13.3 किमी की दूरी तय करती है। प्रतिदिन लगभग 82 हजार यात्री इस रोमांचक सफर का लुत्फ लेते हैं।

अपने सफर के दौरान यह ट्रेन 20 स्टेशनों पर रुकती है। इतना ही नहीं पर्यटक भी इस ट्रेन का लुत्फ उठाने का मौका नहीं छोड़ते। हैंगिंग ट्रेन से पूरे शहर का नजारा लिया जा सकता है। पुल पर लटककर चलने वाली इस हैंगिंग ट्रेन को बिजली से चलाया जाता है।



 

हालांकि, एक बार ये ट्रेन दुर्घटना का शिकार हो चुकी है। साल 1999 में यह ट्रेन अचानक वुप्पर नदी में गिर गई थी। इस हादसे में करीब पांच लोगों की जान गई थी, लेकिन तब से आज तक इस ट्रेन में ऐसी कोई दुर्घटना नहीं हुई। जर्मनी में चलने वाली इस ट्रेन को दुनिया की सबसे पुरानी मोनो रेल भी माना जाता है।

 

 

वाकई हवा में उल्टी लटकी इस ट्रेन में सफर करने का एक अलग ही मजा होगा।

 


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