इस कॉलेज में बिछा है सुरंगों और तहखानों का जाल, निकली तोपें

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Updated on 4 Jul, 2016 at 5:55 pm

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ग्वालियर शहर का हमेशा से ही एक दिलचस्प इतिहास रहा है। ब्रिटिश शासन के दौर में एक राजसी राज्य होने के नाते, ग्वालियर की ज़्यादातर वास्तुकला विरासत राजाओं के समय से ताल्लुक रखती है।

इसी तर्ज पर जो नई बात सामने आई है, उसका ताल्लुक भी राजसी घरानों से लगाया जा रहा है। कमला राजा गर्ल्स कॉलेज की इमारत के तहखाने में कई सुरंगों का जाल बिछा हुआ है, जिसके बारे में ज़्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है।

Secret tunnel

दैनिक भास्कर में प्रकाशित इतिहासकार रमाकांत चतुर्वेदी के विश्लेषण के अनुसार, इन सुरंगों के अस्तित्व में होने की जानकारी साल 1984-85 में मिली थी, लेकिन बाद में  जिला प्रशासन ने इन सुरंगों को बंद करवा दिया था।

सिंधिया शासन के दौरान, इस कॉलेज में शिक्षा विभाग का कार्यालय हुआ करता था और यह सबसे महत्वपूर्ण कार्यालयों में से एक था।

KRG College


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1984-85 में रियासत से संबंधित फाइलों को हटाने के दौरान इन सुरंगों के बारे में पता चला।

जब वहां से फाइल्स को हटाया जा रहा था, तब अचानक से वहां मौजूद पटिया सरक गई। तब लोगों ने पाया कि गुप्त सीढ़ियां सुरंग की ओर जा रही है। उस सुरंग के अंदर मौजूद गर्म हवा को बाहर निकालने के लिए सबसे पहले वहां पूरी रात एक एग्जॉस्ट फैन लगवाया गया ताकि अंदर जाया जा सके।

इसके बाद जब अंदर प्रवेश किया गया तब वहां मौजूद लोग भौचके रह गए। सुरंग के अंदर एक बड़े कमरे में तोपें रखी हुई थीं। तोपों का आकार इस बात की ओर इशारा कर रहे थे कि इन्हें ऊपर सीढ़ियों के जरिए नहीं लाया जा सकता।

Secret tunnel



 

बाद में जब इस बात की जड़ तक जाने का प्रयास किया गया तब सामने आया कि यह कमरा और अन्य सुरंगों से जुड़ा हुआ है।

चतुर्वेदी लिखते हैं कि केआरजी इमारत में कुल तीन सुरंगें मिली। इनमें से एक सुरंग गोरखी, दूसरी जयविलास पैलेस और तीसरी सुरंग परिवहन कार्यालय तक जाती है।

Secret tunnel

 

यह तीनों ही सुरंगें केआरजी कॉलेज के पीछे के हिस्से में बनी हुई हैं। यहां से मिली तोपों को नगर पालिका के संग्रहालय के बाहर रखा गया है।

अभी तक कोई भी यह अनुमान नहीं लगा पाया है कि यह तोपें कितनी पुरानी हैं और इनका इतिहास क्या है।


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