क्या आपको पता है कि गुरमीत राम रहीम के डेरे में चलते थे उसके अपने सिक्के ?

Updated on 14 Sep, 2017 at 9:12 pm

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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बारे में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। राम रहीम ने अपने डेरा के जरिए एक समानांतर व्यवस्था कायम कर रखी थी। इस व्यवस्था में भारत सरकार के कानून का राज नहीं चलता था, बल्कि बाबा राम रहीम का कानून चलता था।


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मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि राम रहीम के साम्राज्य में खरीदारी और लेन देन के लिए एक अलग से करेन्सी चला रखी थी। डेरा में बाबा राम रहीम के अनुयायी जिन दुकानों का संचालन करते थे, वे ग्राहकों को छुट्टे देने के लिए यहां की विशेष करेन्सी का उपयोग करते थे। ग्राहक यदि भारतीय करेंसी यानी रुपए में खुल्ले नहीं दे पाते तो दुकानदार इनके बदले पांच और दस रुपए के प्लास्टिक के सिक्के उन्हें दिया करते थे। इन सिक्कों का इस्तेमाल यहां की दुकानों से सामान खरीदने में किया जा सकता था।

इन सिक्कों पर लिखा होता था ‘धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, डेरा सच्चा सौदा सिरसा’। ये सक्के अलग-अलग कलर कोड के होते थे।

गौरतलब है कि इस तरह की करेन्सी चलाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि दंडनीय अपराध भी है।

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