यह किसान खेती में हुआ फिसड्डी तो बना डाली मशीनें; पाकिस्तान में है भारी मांग।

author image
Updated on 3 Jan, 2016 at 11:35 am

Advertisement

कहते हैं की अगर कुछ कर दिखाने का ज़ज़्बा हो तो किसी भी मुकाम पर पहुंचा जा सकता है। इस कथनी को हक़ीकत का शक्ल दिया है जयपुर के किसान गुरमैल सिंह ने।

खेती में कुछ ख़ास नही कर पाने के बावजूद गुरमैल सिंह हौसला नही हारे और अपने हुनर के दम पर ऐसी मशीनें बना डाली जो लागत में सस्ती होने के साथ बहुत उपयोगी हैं। आज हालत यह है कि ये मशीनें पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बाजारों में बेहद लोकप्रिय हो रही हैं।


Advertisement

गुरमैल सिंह के प्रयोगों की शुरुआत तब हुई, जब उनके पास मौजूद एक विदेशी ट्रैक्टर को ठीक करने के लिए पार्ट्स नहीं मिल रहे थे। उन्होंने इसे ठीक करने का अभिनव तरीका अपनाया। एक 5 एचपी का देसी इंजन लगा कर उस ट्रैक्टर को खेती के लिए उपयोग में लाना शुरू कर दिया।

गुरमैल सिंह का यह प्रयोग न सिर्फ़ खेतों की जुताई बल्कि हार्वेस्टिंग और खेती से संबंधित अन्य कार्यों के लिए भी बहुत उपयोगी है।उनके द्वारा बनाई गयी मशीनों में लोडर, बाज़ार में मिलने वाली अन्य लोड़रों से बड़ी और ज़्यादा प्रभावी है।

ट्री परुनिंगमशीन को फलों और पेड़ों की कटाई व छंटाई के लिए उपयोग में लाया जाता है। रोड स्वीपर अपने नाम के अनुरूप सड़कों की सफाई के लिए है। इफको की मदद से उन्होंने इस तरह के छोटे-बड़े करीब 25 मशीन बना डाले हैं।

राष्ट्रपति के बन चुके हैं खास मेहमान।

पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में बिकती हैं गुरमैल सिंह की मशीनें।

पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से भी हो चुके हैं सम्मानित।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement