अब गुमनामी बाबा के बक्से से मिला नेताजी के भाई को भेजा गया समन; चार टूटे दांत भी मिले

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Updated on 20 Mar, 2016 at 7:07 pm

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फैजाबाद के रहस्यमयी गुमनामी बाबा के बक्सों से एक के बाद एक ऐसी चीजें मिल रही हैं जिनसे उनके नेताजी सुभाष चंद्र बोस होने की अटकलों को और बल मिलता है।

यहां के सरकारी कोषागार में डबल लॉक में रखे गए उनके 26वें बक्से से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के भाई सुरेश चंद्र बोस को खोसला कमीशन की ओर से 1972 में भेजे गए समन की मूल प्रति मिली है। यही नहीं, इसी बक्से में गुमनामी बाबा के टूटे हुए चार दांत भी मिले हैं।

अदालत के आदेश के बाद गुमनामी बाबा के बक्से एक-एक कर खोले जा रहे हैं। इससे पहले उनके बक्से में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की फैमिली फोटो मिली थी। इस फोटो में नेताजी के माता-पिता जानकीनाथ बोस और प्रभावती बोस के साथ परिवार के लोग दिखाई दे रहे हैं।

गौरतलब है कि गुमनामी बाबा ने अपनी जिन्दगी के आखिरी तीन साल (1982-85) फैजाबाद के राम भवन में बिताए थे। अटकलें हैं गुमनामी बाबा खुद नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे।

कहा जाता है कि बाबा के निधन होने के बाद सुभाष चंद्र बोस के भाई की बेटी ललिता बोस 4 फरवरी 1986 को राम भवन आई थीं। उन्होंने तब इस तस्वीर में परिवार के लोगों की पहचान की थी।


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गुमनामी बाबा के बक्से से मिले सामानों में कई चिट्ठियां शामिल हैं। उनके सामानों में पवित्र मोहन राय की चिट्ठियां भी हैं। राय नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आजाद हिन्द फौज की गुप्तचल शाखा के अधिकारी थे।

इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एमएस गोलवरकर समेत कई जानी मानी हस्तियों की चिट्ठियां भी उनके बक्सों से मिली हैं। उनके सामानों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के स्टाइल का चश्मा, एक दूरबीन, टाइपराइटर और एक घड़ी भी मिली है।

इन चीजों के मिलने के बाद ये दावा किया जा रहा है कि गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाष चंद्र थे।

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