कश्मीर घाटी के जुनैद बने CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट, देश की सेवा को तैयार

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Updated on 16 Sep, 2016 at 5:52 pm

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कश्मीर घाटी करीब 70 दिनों से हिंसा की आग से झुलस रही है। कई अलगाववादी तत्व घाटी के युवाओं को गुमराह कर रहे है। भारतीय सेना और पुलिस संयुक्त रूप से घाटी में सामान्य स्थिति बनाने के अपने अथक प्रयासों में लगी हुई है। इसी बीच, कश्मीर के युवा ने मिसाल पेश करते हुए सेना में महत्वपूर्ण पद हासिल किया है।

कश्मीर में अलगाववादियों के गढ़ बारामूला जिले के सोपोर से 26 वर्षीय नौजवान गुल जुनैद खान ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में अस्सिटेंट कमांडेंट बतौर शामिल हो आंतकवाद से लड़ने का प्रण लिया है।

CRPF अकादमी कादरपुर में CRPF के डीजी दुर्गा प्रसाद ने प्रतिष्ठित ‘निदेशक वैपन’ प्रदान कर जुनैद को सम्मानित किया।

कश्मीर के युवाओं को सन्देश देते हुए जुनैद कहते है कि वे पढ़ें-लिखे ताकि देश के काम आ सकें, अपने हुनर को पहचानें, ताकि दुनिया में नाम कमा सकें।

खुद के एक भारतीय होने पर गौरवान्वित होते हुए जुनैद के CRPF में शामिल होने का उद्देश्य देश की सेवा और सुरक्षा करना है।

आतंक पर जुनैद कहते है कि हिंसा किसी चीज का हल नहीं है। अगर हिंसा से कुछ हल होता तो बहुत दिन पहले ही सब कुछ हो जाता। बातचीत से ही किसी भी समस्या का हल किया जाना चाहिए।


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कश्मीर के हालातों को लेकर जुनैद का कहना है:

“मैं कश्मीर की खोई हुई गरिमा को वापस लाने में मदद करूंगा, ताकि समाज के सभी लोग खुशी से रह सकें। मुझे पूरी उम्मीद है कि कश्मीर में एक बार फिर शांति कायम हो जाएगी।”

एक साल की ट्रैनिंग पूरी होने के बाद जुनैद अब छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके बीजापुर में नक्सलियों से मोर्चा लेंगे।

इससे पहले कश्मीर के ही एक युवक नबील अहमद वानी ने बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (BSF) के असिस्टेंट कमांडेंट (वर्क्स) एग्जाम में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल की थी।

कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने पर भड़की हिंसा पर नबील ने कहा था कि युवाओं को आतंकियों का साथ देने के बजाय अपने करियर और देश की सेवा के लिए बढ़ चढ़कर आगे आना चाहिए।

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