मुस्लिम संगठन ने लगाए पोस्टर, कहा ‘महिलाओं को बुरका पहन नज़रें झुका कर चलना चाहिए’

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Updated on 22 Jan, 2017 at 11:32 am

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एक विवादित पोस्टर गुजरात के नवसारी जिले के चिखली गांव में सामने आया है। इसमें यह बताया गया है कि मुस्लिम महिलाएं क्या पहने, क्या न पहनें व सड़क पर कैसे चलें। इस पोस्टर को लगाया है एक स्थानीय कट्टरपंथी संगठन इत्तेहाद फाउंडेशन ने।

इत्तेहाद फाउंडेशन द्वारा लगाए गए इन पोस्टर्स में मुस्लिम महिलाओं को सड़कों पर चलने के तरीक़ो को लेकर फरमान जारी किया गया है। पोस्टर में 10 बिंदुओं के साथ मुस्लिम महिलाओं को यह नसीहत दी गई है कि ‘तुम नकाब में रहो जमाना औकात में रहेगा।’


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मुस्लिम समुदाय में महिलाओं के पहनावे और व्यवहार को लेकर बेफ़िजूल फ़तवे जारी होते रहते हैं। विइसमें कहा गया है कि मुस्लिम महिलाओं को सड़कों के एक तरफ बापर्दा पुरुषों से बच कर चलना चाहिए। इतना नही ये पोस्टर्स महिलाओं को नज़र झुका कर चलने की भी नसीहत देता है। वादित पोस्टर्स के ताज़ा मामले से एक बार फिर मुस्लिम महिलाओं की आज़ादी पर बहस शुरू हो गई है कि महिलाओं के सड़कों पर चलने के लिए पैमाना तय करना कहां तक उचित है?

एक बिंदु में यह भी कहा गया है कि महिलाओं को ऊंची एड़ी की जूतियां नहीं पहनने चाहिए। पैरों के आभूषण से भी बचने के नसीहत यह कह कर दी गई है कि पांव में घुंघुरू पहनना हराम है।

तारिक़ फ़तह द्वारा फ़ेसबुक पर शेयर किया गया पोस्ट ibtimes

गौरतलब है कि यह पोस्टर पाकिस्तानी मूल के कनाडाई लेखक, प्रसारक एवं सेक्युलर उदारवादी कार्यकर्ता तारिक़ फ़तह ने फ़ेसबुक पर शेयर किया था। इसके बाद मुस्लिम समुदाय में कट्टरवाद पर एक नई बहस छिड़ गई है।

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