मूंछ रखने पर दलित युवक की पिटाई की शिकायत झूठी निकली

Updated on 7 Oct, 2017 at 5:11 pm

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पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही थी। खबर में इस बात का जिक्र था कि गुजरात के एक गांव में दलित युवक की महज इसलिए पिटाई कर दी गई, क्योंकि उसने स्टायलिश मूंछें रखी थी। हालांकि, अब यह खबर झूठी साबित हुई है।

इस युवक ने आरोप लगाया था कि मूंछे रखने की वजह से उस पर हमला किया गया।

गांधीनगर के कलोल तालुका स्थित लिंबोदरा गांव में रहने वाले 30 वर्षीय कुणाल महेरिया ने अपने ही गांव के भरत सिंह वाघेला नामक एक व्यक्ति पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। 29 सितंबर को की गई इस शिकायत में महेरिया ने दावा किया था कि मूंछें रखने की वजह से उसकी पिटाई की गई थी।

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर इस बात की लंबे समय तक चर्चा होती रही।

अखबारों ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया।

हालांकि, अब गांधीनगर पुलिस की जांच में यह झूठ पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि यह सबकुछ एक प्रायोजित कैम्पेन के तहत हुआ है। अब पूछताछ में महेरिया ने यह स्वीकार किया है कि उसने यह झूठी कहानी रची थी। महेरिया ने अपनी पिता की मौजूदगी में कहा कि उसके मित्र ने ही उसके कहने पर उसकी कमर में ब्लेड मारा था।

हालांकि, शिकायत के बाद वाघेला को गिरफ्तार कर लिया गया था।

इस घटना के बाद से गुजरात में खासा विवाद चल रहा था। इससे कुछ ही पहले पीयूष परमार नामक एक युवक ने आरोप लगाया था कि स्टाइलिश मूंछों की वजह से कथित रूप से उच्च जाति के युवकों ने उसकी पिटाई कर दी थी।

सोशल मीडिया पर प्रायोजित कैम्पेन!

भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि सोशल मीडिया पर एक प्रायोजित कैम्पेन चलाकर राज्य सरकार की छवि खराब की जा रही है।

पुलिस को संदेह है कि हालिया मामलों में जातीय हिंसा की बजाय निजी रंजिश के तहत हमले किए गए।

 


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