गुजरात बोर्ड के टॉपर वर्शील शाह बने सन्यासी, 12वीं में आए थे 99.99 प्रतिशत अंक

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Updated on 15 Jun, 2017 at 11:56 am

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अभी हाल ही में 12 वीं के रिजल्ट घोषित हुए। अब बच्चे और उनके अभिभावक कॉलेज और आगे  भविष्य में करियर क्या होगा, इन तैयारियों में जुटे हैं। वहीं इन सब से परे गुजरात बोर्ड में 99.99 प्रतिशत अंक लाकर 12वीं में टॉप करने वाले 17 साल के वर्शील शाह अब आधिकारिक तौर पर जैन संन्यासी बन गए है।

अब वर्शील सन्यास अपनाकर संत मुनिराज सुवीर्य रत्न विजयजी महाराज बन चुके हैं।

वर्शील के सन्यासी जीवन अपनाने की प्रक्रिया के लिए गुजरात के सूरत शहर में तापी नदी के किनारे भव्य दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में कई जैन आचार्य, जैन समुदाय के हजारों लोग और वर्शील का परिवार शामिल रहा।


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हैरानी की बात है कि वर्शील के इस निर्णय में उनके माता-पिता ने भी उन्हें सहयोग दिया। वर्षिल के पिता जिगर कनुभाई आयकर अधिकारी और मां अमीबेन गृहिणी हैं।

मां ने अपने बेटे की इस इच्छा को सुनते ही उन्हें अनुमति दे दी। वहीं पिता वर्शील को उच्च शिक्षा लेता देखने चाहते थे, लेकिन अपने बेटे की इच्छा शक्ति दृढ़ देखते हुए उन्होंने वर्शील को गृह त्याग की अनुमति दे दी।

अब ऐसी होगी दिनचर्या

सांसारिक जीवन के सभी भौतिक सुखों का त्याग करेंगे। आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करेंगे और नंगे पांव चलेंगे। सदैव प्रकृति के अनुरूप ही अपने जीवन का अनुसरण करेंगे। आजीवन गुरू के निर्देशों का पालन करते हुए संयम के मार्ग पर अग्रसर रहेंगे।

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