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गुजरात की किताब में हो गई गलती से मिस्टेक, लिखा- ‘रावण ने नहीं, राम ने किया था सीता का अपहरण’

5:34 pm 3 Jun, 2018

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भगवान राम और सीता भारतीय संस्कृति में ऐसे घुले-मिले हैं कि उनकी कथा सभी जानते हैं। भगवान राम को इस देश का रग-रग जानता है और ये धर्म से परे एक बड़ी सच्चाई है। लेकिन गुजरात बोर्ड के सिलेबस में जो बताया गया है, वो सुनकर न केवल आश्चर्य होगा बल्कि दुःख भी हो सकता है। बारहवीं कक्षा के संस्कृत साहित्य की किताब पर बवाल हो गया है। इस किताब में सीता का अपहरण के अध्याय को लेकर जो कुछ लिखा गया है, वो चौंकाने वाला है।

 

दरअसल, किताब में बताया गया है कि सीता का अपहरण राम ने किया था। ‘इंट्रोडक्शन टू संस्कृत लिटरेचर’ के पेज संख्या 106 में ये लिखा पाया गया है कि ‘जब सीता का अपहरण राम करते हैं, तो लक्ष्मण राम को ये संदेश देते हैं।’ इस प्रसंग का बहुत ही मार्मिक वर्णन किया गया है।

 

 


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गुजरात राज्य स्कूल पाठ्य पुस्तक बोर्ड (GSSTB) के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन पैठानी ने इसे ट्रांसलेशन एरर बताया है। बता दें कि ये गलती केवल इंग्लिश मीडियम के विद्यार्थियों की बुक में ही देखी गई है।

 

गुजरात राज्य स्कूल पाठ्य पुस्तक बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन पैठानी के अनुसार-

 

“ये अनुवाद में हुई अशुद्धी है और इस गलती के दो वर्ज़न हो सकते हैं। पहला, ‘जब सीता का अपहरण राम करते हैं’, जिसमें रावण की जगह गलती से राम प्रिंट हो गया। दूसरा, ‘जब सीता का अपहरण राम करते हैं’, यहां परित्याग की जगह अपहरण छप गया है।”

 

 

इस विषय में जांच के बाद उत्तरदायी और गलती दोनों की समीक्षा की जाएगी। इस पूरे प्रकरण में दोषी पाए जाने पर अनुवादक और प्रूफरीडर ब्लैकलिस्ट हो सकते हैं। हालांकि, अभी फिलहाल शिक्षकों को तथ्य सही कर पढ़ाने की सलाह दी गई है। देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि सीता का अपहरण रावण ने ही किया था।

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