चौकीदार के इस बेटे ने लौटाए 40 लाख के हीरे, सड़क पर पड़ा मिला था हीरों से भरा बैग

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Updated on 20 Aug, 2017 at 9:33 pm

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चौकीदार के बेटे ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। हीरे की नगरी के रूप में प्रचलित सूरत में चौकीदार के बेटे ने 40 लाख रुपये की कीमत वाले हीरों को उसके असल मालिक तक पहुंचाया।

दरअसल हीरे के कारोबारी मनसुखभाई सवालिया की हीरे की थैली उनकी जेब से गिर गई थी। इस थैली पर 15 साल के विशाल उपाध्याय की नजर पड़ी। वह पास में ही क्रिकेट खेल रहा था। उसके दोस्त ने जब एक शॉट मारा तो बॉल सड़क के दूसरी ओर जा गिरी। जब वह वहां बॉल लेने गया तो उसने पाया कि वहां एक थैली पड़ी हुई है। जब उसने उस पैकेट को खोलकर देखा तो उसमें बेशकीमती हीरे देखकर वह सख्ते में आ गया।

हीरों का पैकेट लेकर विशाल सीधा घर चला गया और परिवार को बताए बिना उसे संभालकर रखा। विशाल ने बताया:

“हीरों का पैकेट लेकर मैं सीधा घर गया और परिवार को बताए बिना उसे संभालकर रखा। मैंने सोच लिया था कि हीरों को इसके असली मालिक तक पहुंचाना है। और तीसरे दिन हीरों का सही मालिक इन्हें खोजते हुए पार्किंग एरिया में आए। मैंने उनकी आवाज सुनी और उन्हें फॉलो किया, जिसके बाद मैंने उन्हें बताया कि हीरों का पैकेट मेरे पास है।”

विशाल ने कहा कि एक बार उसके 50 रूपए कहीं गिर गए थे। उस दिन पूरी रात उसे नींद नहीं आयी थी। वह बस उसी के बारे में सोचते रहे। ऐसे में वह समझ सकता है कि जिसके हीरे गुम हो गए हो उसपर क्या बीत रही होगी। तभी उसने निश्चय कर लिया था कि वह इन हीरों को उसके असल मालिक तक पहुंचाएगा।

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विशाल की ईमानदारी के लिए उसे हीरा मालिक ने तीस हजार रुपए का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। साथ ही सूरत डायमंड एसोसिएशन (एसडीए) ने भी विशाल को 11 हजार रुपए का नकद इनाम दिया।

वहीं हीरा व्यापारी मनसुखभाई ने अपने हीरे मिलने पर कहा-

“विशाल ने मेरे हीरे लौटाए, इसके लिए मैं उसका बहुत आभारी हूं। हीरे ना मिलते तो ये मेरे लिए बहुत बड़ा नुकसान होता। लेनदारों का पैसा देने के लिए मुझे अपना घर तक बेचना पड़ जाता। विशाल ने मुझे और मेरे परिवार को बचाया है।”

विशाल के पिता फूलचंद एक चौकीदार हैं और मां कपड़ों पर टांके लगाने का काम करती हैं।


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