राजधानी दिल्ली में खड़ी की जा रही है खास दीवार, धूल-आंधी से दिल्लीवालों की करेगी रक्षा

Updated on 13 Jul, 2018 at 10:37 am

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दुनिया भर में प्रदूषण धरती के वातावरण को प्रभावित कर रहा है। भारत जैसे देश में जनसंख्या वृद्धि और लापरवाही ने स्थिति को भयानक बना दिया है। पिछले दिनों जारी रिपोर्ट में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर भारत के ही बताए गए। हालांकि, राजधानी दिल्ली की स्थिति थोड़ी सुधरती बताई गई। इसके बावजूद प्रदूषण के लिहाज से यह शहर जीवन के लिए बेहद ही खतरनाक है।

 

राजधानी दिल्ली की हालत चिन्ताजनक है।

 

 

पिछले कुछ सालों में सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है। हर साल आस-पास के राज्यों में पराली जलाने और धूल भरी आंधी-तूफ़ान के कारण दिल्ली की आवोहवा खराब होती जाती है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने बचाव की नई तरकीब ढूंढ़ निकाली है। ऐसी योजना बनाई जा रही है कि दिल्ली के बाहरी इलाक़ों से धूल और आंधी-तूफ़ान पर रोक लगाई जा सकेगी।

 

 

दरअसल, सरकार दिल्ली को पेड़ों की दीवार से घेरने की तैयारी में है। ये पेड़ दिल्ली की कितनी रक्षा कर पाती है ये बाद की बात है। इस तरह पेड़ों की देवार खड़ी करने में कुछ साल का वक्त लग जाएगा। बता दें कि सरकार ने इस साल की शुरुआत में दिल्ली में लगभग 28 लाख पौधे लगाने की योजना पर काम कर रही थी, जिसे बढ़ाकर 32 लाख कर दिया गया है।

 


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‘दिल्ली वन विभाग’ द्वारा इस योजना की शुरुआत इसी 7 जुलाई को की गई है। बताया जा रहा है कि इसे साल के अंत तक अंजाम दिया जाएगा। विभाग द्वारा दिल्ली के बाहरी इलाक़ों जैसे जसोला, तुग़लकाबाद, आयानगर, नरेला, सौदा, घेवरा और यमुना क्षेत्र में पौधे लगाए जायेंगे। इनमें अधिक मात्रा में पीपल, नीम, आंवला, जामुन, आम, महुआ, पिलखान और गोलर जैसे पेड़ होंगे।

 

 

विभाग के इस कार्य में दिल्ली विकास प्राधिकरण, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, सरकारी एजेंसियां और दिल्ली नगर निगम भी अपने संबंधित क्षेत्रों में सहयोग करेंगे।

 

 

डीडीए अब तक लगभग 10 लाख पौधे, जबकि वन विभाग लगभग 4.22 लाख पौधे लगा चुके हैं। पौधों की देखभाल एजेंसियां करेंगी तो ऑडिट साल 2019 में देहरादून स्थित फारेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट द्वारा किया जाएगा और 2020 तक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

 

 

यह परियोजना अगर ठीक से पूरी हुई तो राजधानी दिल्ली का मौसम खुशनुमा हो जाएगा। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अगले कुछ सालों में दिल्ली भी शिमला की तरह खुशनुमा मौसम वाला हो जाएगा। हालांकि, अभी कुछ कहना गलत होगा क्योंकि ‘दिल्ली अभी दूर है!’

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