जानें क्यों गरमाया है गोरखालैंड, सेना है तैनात

Updated on 13 Jun, 2017 at 5:56 pm

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खूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र दार्जिलिंग अशांत है। वहां चल रही राजनीतिक उठा-पटक के कारण पर्यटक परेशान हैं। असुरक्षा की स्थिति को देखते हुए वहां आए पर्यटक वापसी का रास्ता देख रहे हैं।

पृथक गोरखालैंड और बांग्ला भाषा के खिलाफ गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) के आंदोलन ने हिंसक रुख अख्तियार कर लिया है। GJM ने दार्जिंलिंग के सरकारी कार्यालयों (केंद्र-राज्य सरकार) में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है। साथ ही दार्जिलिंग आ चुके या आने वाले पर्यटकों को भी अपने खतरे पर यहां रुकने को कहा गया है। उधर, ममता बनर्जी ने भी आदेश जारी कर दिया है कि कार्यालय तो खुले ही रहेंगे।



GJM अध्यक्ष बिमल गुरुंग ने ‘अप्रिय’ घटनाओं की आशंका के चलते पर्यटकों को पहाड़ी इलाके से निकल जाने को कहा है। केंद्र की मोदी सरकार की सहयोगी GJM ने राज्य के सरकारी कार्यालयों और गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के कार्यालयों के अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है, लेकिन शैक्षणिक संस्थानों, परिवहन व होटलों को इसके दायरे से बाहर रखा है।

गुरुंग ने अब एक बार फिर भाषा के मुद्दे को उछाल दिया है। GJM की राजनीति के लिए अब यह प्राण फूंकने जैसा है। पार्टी ने बांग्ला भाषा लागू करने के मुद्दे पर अपने आप को अकेले योद्धा के तौर पर पेश किया है।

गुरुंग बार-बार जोर देकर आक्रामक तरीके से कह रहे हैं कि जिस क्षेत्र के 95 फीसदी लोग नेपाली बोलने वाले हैं, वहां बांग्ला लागू करने का औचित्य नहीं है।

दार्जिलिंग के स्कूलों में बांग्ला भाषा लागू किए जाने का विरोध कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) के बंद के कारण कई पर्यटक मुश्किल में पड़ गए हैं। पर्यटकों के दार्जिलिंग छोड़कर जाने के कारण हवाई टिकटों के दाम काफी बढ़ गए हैं।


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