पढ़ें कवि गोपालदास नीरज की मशहूर कविताएं, जिनमें मर्म है साथ ही जिंदादिली भी

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Updated on 20 Jul, 2018 at 7:26 pm

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मशहूर कवि और गीतकार गोपालदास नीरज का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे। उनके गुजरने के बाद हिंदी साहित्य समेत बॉलीवुड के कई हस्तियों ने शोक प्रकट किया है।

4 जनवरी सन् 1924 को उत्तर प्रदेश के इटावा में जन्मे गोपालदास ‘नीरज’ हिन्दी कविता की वो थाती हैं, जिनके नाम से इस युग को जाना जाएगा। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने उन्हें हिन्दी की वीणा का नाम दिया था। नीरज जब मंच पर झूम कर काव्यपाठ करते तो श्रोताओं मंत्रमुग्ध हो जाया करते थे।

 

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ऐसा क्या नहीं था जो नीरज ने नहीं लिखा। उन्होंने अपने गीत, लोकगीत, दार्शनिक गीत, फिल्मी गीत, भक्तिगीत, प्रेमगीत, दोहे, गजलों से लोगों को मंत्रमुग्फ्ह कर दिया। उनकी लेख शैली इतनी निपूर्ण और मर्मस्पर्शी रही, जिसने लोगों के दिलों को छुया। उन्होंने अपनी काव्यानुभूति और सरल भाषा द्वारा हिन्दी कविता को एक नया मोड़ दिया।

गोपालदास नीरज ने बॉलिवुड फिल्मों के कई मशहूर गाने भी लिखे थे। उन्होंने एसडी बर्मन द्वारा कंपोज किए गए और राज कपूर, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना जैसे नायकों पर फिल्माए गए कई सदाबहार गीत भी लिखे हैं ।

 

 

भारत सरकार के पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे अलंकरणों से अलंकृत गोपालदास ‘नीरज’ हिन्दी काव्य जगत की गरिमा हैं। आज हम आपके लिए उनकी कुछ बेहतरीन कविताएं और गजलों का संकलन लेकर आए हैं।

 

‘मेरा नाम लिया जाएगा’ की कुछ पंक्तियां

 

 



‘मानव कवि बन जाता है’ की कुछ पंक्तियां

 

 

‘है बहुत अंधियार अब सूरज निकलना चाहिये’ की कुछ पंक्तियां

 

 

‘कारवां गुज़र गया’ की कुछ पंक्तियां

 

 

‘छिप-छिप अश्रु बहाने वालों’ की कुछ पंक्तियां

 

 

ये था उनकी उनकी कुछ पंक्तियों का संकलन। वो आज भले ही हमारे बीच न हो, लेकिन उनकी रचना संसार का फलक इतना बड़ा है कि अपने चाहने वालों के दिलों में वे आजीवन जिंदा रहेंगे।


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