अपने हाथों से बनाई बोट पर रोजाना नदी पार करके ऑफिस जाता है ये गूगल इंजीनियर

Updated on 12 Jul, 2018 at 3:08 pm

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जीवन में अक्सर एक ही राह पर चलते रहने से रास्ता लंबा और मंजिल दूर लगने लगती है। ऐसे में कई बार राहें बदल लेने से नई दिशाएं उद्दीप्त हो जाती हैं। एक नई उमंग के साथ कुछ अनोखा करना प्रेरणादायक होने के साथ-साथ आपको खास पहचान भी दिला सकता है। गूगल में बतौर इंजीनियर काम करने वाले टॉमी लट्स की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिन्होंने अपनी सोच से खुद की एक अलग पहचान बना ली है।

 

 

न्यूजर्सी  के रहने वाले टॉमी लट्स गूगल में इंजीनियर हैं। वो रोजाना किसी आम कर्मचारी की ही तरह ऑफिस जाते है, लेकिन खास बात ये है  कि ऑफिस जाने के लिए वो किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट या वाहन का सहारा नहीं लेते, बल्कि खुद की बनाई हुई एक बोट से ये सफर तय करते हैं। ट्रैफिक की भीड़भाड़ से दूर कॉफी की चुस्कियों  के साथ प्राकृतिक सौंदर्य को निहारते हुए अपनी ही बनाई हुई बोट पर ऑफिस पहुंचना वाकई एक अदभुत अनुभव है, जिसका लुत्फ टॉमी रोजाना उठाते हैं।

 

 


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टॉमी का ऑफिस हडसन नदी के पार न्यूयॉर्क सिटी के चेल्सी में पड़ता है, घर से ऑफिस का ये सफर वो ढाई घंटे में पूरा करते हैं। उनके घर से हडसन नदी की दूरी लगभग 20 मिनट की है, अपनी साइकिल पर बोट को पीछे बांधकर वो नदी तक पहुंचते हैं। इसके बाद जॉर्ज वॉशिंगटन ब्रिज के नीचे बने नदी के छोर पर वो बोट को खोलकर उसपर सवार हो जाते हैं।

अपनी बनाई हुई इस छोटी सी बोट पर हडसन नदी को पार करने में उन्हें 45 मिनट से 1 घंटे का समय ल जाता है। हालांकि शाम तक नदी का बहाव बदल जाने के कारण अक्सर वो बोट से वापस घर नहीं लौटते, बल्कि साइकल पर जॉर्ज वॉशिंगटन ब्रिज होते हुए न्यूजर्सी के लियोन में स्थित अपने घर पहुंचते हैं।

 

टॉमी बताते हैं कि वो बसों में सफर करके थक चुके थे, जिसके बाद उनके मन में बोट बनाने का खयाल आया। इसके बाद  यूट्यूब के जरिए उन्होंने बोट बनाना सीखा और खुद की एक बोट तैयार की।

 

 

टॉमी का कहना है कि उन्हें इस तरह ऑफिस पहुंचने में ज्यादा समय लगता है, लेकिन ये बस के सफर और भीड़भाड़ भरी ट्रैफिक से कहीं ज्यादा बेहतर है। टॉमी की पत्नी शुरुआत में इस तरह उनके सफर करने को लेकर काफी चिंतित थीं, लेकिन अब वो पूरी तरह बेफिक्र हैं। टॉमी अपने साथ हर जरूरी सामान रखते हैं, जिससे किसी भी तरह की आपात परिस्थिति में वो खुद को बचा सके।

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