13 किलो सोना पहन कांवड़ यात्रा पर निकला यह बाबा, कारण जानकार आप भी रह जाएंगे दंग

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Updated on 29 Jul, 2016 at 11:58 am

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आजकल कांवड़ियों का मेला लगा हुआ है। इस सावन की बरखा में सब बम-बम भोले की भक्ति में डूबे हुए हैं। इसी भक्ति भरे माहौल में आजकल हरिद्वार तक जाने वाले हर कांवड़िए ने ‘गोल्डन बाबा’ के बारे में सुना ही होगा।

आमतौर पर साधु-संतों के जीवन यापन की छवि सांसारिक सुखों का परित्याग कर सन्यासी जीवन को अपनाने के तौर पर उभरकर आती है, लेकिन यह बाबा कुछ अलग हैं। बाबा अपने शरीर में करीबन साढ़े बारह किलो के आभूषण पहन कर चलते हैं।

करीब चार करोड़ के कीमती आभूषण पहन कर कांवड़ ला रहे बाबा की सुरक्षा में 30 निजी सुरक्षा कर्मी तैनात है। गोल्डन बाबा के काफिले में करीबन 200 लोग शामिल है। बाबा जिन-जिन जगहों पर रुकते हैं, स्थानीय पुलिस द्वारा उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाती है।

गोल्डन बाबा पहले दिल्ली में एक कारोबारी हुआ करते थे। वह पिछले 23 सालों से कांवड़ ला रहे हैं और यह उनकी 24वीं कांवड़ यात्रा हैं। उनका कहना है कि वह अपनी अंतिम सांस तक कांवड़ लाएंगे। बाबा का असली नाम सुधीर कुमार माकड़ है। गोल्डन बाबा बताते है:


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“मैं पहले दिल्ली में एक कपड़े का व्यापारी था। एक दिन मुझे सहसा इस बात का अहसास हुआ कि मैंने बहुत पाप किए हैं, तब मैंने साधु बनने और जरूरतमंदों की मदद करने का जिम्मा उठाया। मैं हर साल कम से कम 200 लड़कियों की शादी करवाता हूं और पूरा खर्चा उठाता हूं।”

बाबा के हाथों में मोटी अंगूठी के अलावा गले में चेन और लॉकेट होता है। साथ ही बाबा के पास करीब 27 लाख रुपए की एक खास हीरों से जड़ी हुई घड़ी भी है।

गोल्डन बाबा के एक अनुयायी ने उनके आभूषण पहनने को लेकर बताया कि बाबा को बचपन से ही सोना पहना पसंद है। जब वह व्यापारी थे, तब भी उन्होंने खूब सोना ख़रीदा था।

अब बाबा सिर्फ अनुदान के सहारे ही जीवन-यापन करते हैं और अनुदान में उन्हें ज्यादातर सोना ही मिलता है, क्योंकि भक्तों को बाबा की पसंद के बारे में पता होता है।

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