अगर आप भी करते हैं Uber में सफर तो इस लड़की के साथ जो हुआ उसे जरूर पढ़े और सतर्क रहें

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8:25 pm 9 Oct, 2017

ये जरूर है कि कैब सर्विस ने यातायात को सुविधा को आसान कर दिया है, लेकिन जिस गाड़ी में आप सफ़र कर रहे हों उसके ड्राइवर पर आंख मूंदकर करके भरोसा कर लेना सही नहीं है। देश में महिलाओं के साथ रेप के मामलों की बढ़ती घटनाएं, महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक बड़ी चिंता बन गई है। माहौल ऐसा बना हुआ है कि कोई भी महिला अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है।

हाल ही में जो घटना सामने आई है वो एक बार फिर से महिलाओं की सुरक्षा को घेरे में लाकर खड़ा करती है। गुरुग्राम की रहने वाली एक इंजिनियर स्टूडेंट के साथ कैब में सफ़र करने के दौरान जो भी घटित हुआ वह बताता है कि महिलाओं की सुरक्षा का आश्वासन देने वाली जानी-मानी बड़ी कंपनियों की कैब में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।

 

प्रिया प्रधान नाम की लड़की ने उबर टैक्सी से यात्रा के दौरान अपने खराब अनुभव के बारे में बताया। उसने फेसबुक पर सारी घटना का जिक्र करते हुए अपनी आपबीती दुनिया के सामने रखी है, जिसे हम और आपको पढ़ने की जरूरत है ताकि हम सतर्क रह सकें। घटना 3अक्टूबर की है सुबह के 10:30 बजे थे। रोज की तरह ही प्रिया ने कैब बुक की और उसमें बैठ गई, लेकिन जो कुछ भी उसके साथ हुआ, वो किसी बुरे सपने की तरह था। कैब ड्राइवर ने न केवल उसे मानसिक तौर पर परेशान किया, बल्कि उसके लिए जो ट्रैप बिछाया जा रहा था उससे कुछ भी अनहोनी हो सकती थी। वो तो प्रिया की सूझबूझ और सतर्कता थी, जिसने एक बड़ी अनहोनी से उसे बचाया।

यहां पढ़ें प्रिया का पोस्ट:

घटना की तारीख: – 3 अक्टूबर 2017,  कैब बुकिंग का समय: – 10:30 बजे

ये उबर के साथ मेरा आखिरी अनुभव है। कल सुबह मैंने गुड़गांव के सेक्टर 82 के पास वाटिका इंडिया से यूनाइटेड बिज़नेस टावर सेक्टर 50 गुड़गांव जाने के लिए उबर कैब बुक की।

ड्राइवर का नाम: – करण (जैसा कि उबर ऐप में दिखाया गया)

कार का नाम: – हुंडई एक्सेंट (सफ़ेद रंग)

कार का नंबर: – DL1YE6563

मैंने करीबन सुबह के 10:30 बजे कैब बुक कराई और ड्राइवर ग्यारह बजे मेरे घर पहुंचा। वो पहले से ही लेट था और मुझे 11:30 तक सेक्टर 50 पहुंचना था। मैं कैब में बैठ गई। सफ़र के दौरान, ड्राइवर ने कार को ओरिस फ्लोरल टावर्स के पास गांव की ओर ले लिया, जो कि हयात रीजेंसी के पास है। मुझे उस पर शक हुआ क्योंकि मुझे सेक्टर 50 जाना था, जो कि निरवाना कंट्री के पास पड़ता है और वो ड्राइवर मुझे दुसरे ही रूट से ले जा रहा था।



मैंने उससे पूछना शुरू कियाः

“भैया कहां लेकर जा रहे हो, आपको तो हाईवे पर जाना है टोल की तरफ।” उसने मुझे जवाब दिया,  “मैडम मेरी कार का चालान हुआ है और  मेरे पास पैसे नहीं हैं टोल में देने के लिए।” इस पर मैंने गुस्से से उससे कहा, “आपने मुझे घर से पिक करते वक्त ये सब क्यों नहीं बताया।”

चूंकि उबर के रूल एंड रेगुलेशन के अधीन है कि अगर उबर से कोई बुकिंग करता है, तो संबंधित ड्राइवर को ही टोल टैक्स पर भुगतान करना होता है। उसी समय जब वो मुझे गलत रास्ते से ले जा रहा था, वह किसी दूसरे शख्स से फोन पर बात करते हुए मेरी जानकारी उसे दे रहा था। ऐसे में मुझे शक हुआ। टोल पर लाइन में इंतजार करते समय मैंने अपने माता-पिता से फोन पर बात की और ड्राइवर का नाम, गाड़ी का नंबर और ड्राइवर का मोबाइल नंबर अपने परिवार के व्हाट्सएप ग्रुप में भेज दिया। मैंने ड्राइवर से उसका ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने को कहा, इस पर उसने मुझसे झूठ कहा कि वह घर पर अपना लाइसेंस भूल गया है। मैंने उसपर चिलाना शुरू कर दिया कि वो बिना लाइसेंस हुए गाड़ी कैसे चला रहा है। इसके बाद, टोल पर पहुंचे के बाद मैंने खुद paytm से टोल का भुगतान किया और ड्राइवर से जल्द से जल्द मेरे पैसे वापस करने को कह दिया।

इसके बाद उस ड्राइवर ने फिर से गलत रूट लिया। फिर लड़की ने उससे डांटते हुए पुछा- “भैया आप यहां क्यों ले जा रहे हो,आपको तो  सीधा जाना था हाईवे पर।” इस पर ड्राइवर कहता है- “मैडम मैं भी नीरवाना कंट्री में रहता हूं, यहां से भी रास्ता आता है।”

प्रिया आगे लिखती हैः

“मेरी मम्मी का फोन आता है। वह मुझे कैब से उतर कर दूसरी कैब लेने को कहती हैं। जब मैंने उससे कार रोकने के लिए कहा, तो उसने मुझे सुनकर भी अनसुना कर दिया और गाड़ी चलाता गया। जब मैं जोर से चिल्लाई, तब जाकर उसने कार रोकी। मैंने उस पर चिल्लाना शुरू कर दिया। लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने मुझसे ड्राइवर के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने को कहा।

ड्राइवर ने मुझसे अपने कार मालिक से बात करने को कहा। जब मैंने कार के मालिक से बात की तो वो मुझसे कहता है,  “मैडम हम आपको paytm से भुगतान कर देंगे, आप उसको छोड़ दो।” इसके जवाब में मैंने कार मालिक से कहा- “आप paytm करो या न करो, मैं इसकी शिकायत पुलिस स्टेशन में करके ही जाउंगी।” इसके बाद ड्राइवर के मालिक ने बिना एक शब्द कहे फोन काट दिया।

मैंने ड्राइवर का फोन छीन लिया और तब तक उसे वापस नहीं दिया जब तक मेरे पापा वहां नहीं पहुंच गए। उसका फोन जब मैंने देखा तो उसमें किसी नंबर से 50 मिस्ड कॉल्स थी। जब मेरे पापा पहुंचे, वहां से एक मीटर की दूरी पर पुलिस स्टेशन में हमने पुलिस को पूरी घटना के बारे में बताया।

पुलिस ने उसके बटुए की जांच की और उसका ड्राइविंग लाइसेंस मिला, जिसमें उसका नाम ललित लिखा हुआ था, जबकि उबर ऐप में उसका नाम करण नाम से रजिस्टर है। साफ था कि वो ड्राइवर फ्रॉड था। मैंने पुलिस को बताया कि जब मैंने टोल पर इससे इसका लाइसेंस मांगा था तो इसने मुझसे झूठ कहा था कि यह लाइसेंस घर भूल आया है।

इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की, आखिर उसने ऐसा क्यों किया और उसे बुरी तरह मारना शुरू कर दिया। पुलिस ने उसकी कार जब्त कर ली और मैंने उसका फोन पुलिस को सौंप दिया।”

अपने इस बुरे अनुभव से आघात प्रिया आगे लिखती हैं कि वह पिछले एक साल से उबर की लॉयल कस्टमर रहीं हैं क्योंकि वह उबर के अलावा अन्य किसी टैक्सी सेवाओं का उपयोग नहीं करती हैं, लेकिन इस घटना ने उसे मानसिक चोट पहुंचाई है।

अपने इस पोस्ट में प्रिया ने महिलाओं की सुरक्षा में होती चूक पर भी सवाल उठाए हैं। वह लिखती हैंः

“महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी सामाजिक समस्या है, जिसे सभी के प्रयास से तत्काल हल किया जाना चाहिए। यह देश के विकास को बाधित कर रहा है और सबसे महत्त्वपूर्ण रूप से देश की आधी आबादी को सभी पहलुओं (शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से) प्रभावित करता है।”

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