मुंबई की मूसलाधार बारिश में जिस कैब ड्राइवर ने सुरक्षित पहुंचाया घर, उसकी मदद को आगे आई यह लड़की

author image
Updated on 3 Sep, 2017 at 5:36 pm

Advertisement

मुंबई में 29 अगस्त को हुई मूसलधार बारिश ने पिछले 20 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां 298 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो कि 1997 से अब तक अगस्त में एक दिन में हुई सर्वाधिक बारिश है। लगातार भारी बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सड़क, रेल और वायु यातायात अवरूद्ध हो जाने के बाद लोगों को कई परेशानियों से दो चार होना पड़ा। शहर के विभिन्न हिस्सों में हजारों लोग फंसे हुए थे। बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी।

ऐसी विपदा की घडी में कई लोग फ़रिश्ते बनकर फंसे हुए लोगों की मदद के लिए आगे आए।

उन्ही फरिश्तों में से एक था कैब ड्राइवर, जिसने जलमग्न हो रही मुंबई में फंसी शिखा चावला नाम की लड़की को सही सलामत उसके घर पहुंचाया। 29 अगस्त को शिखा अपने ऑफिस से दोपहर 2:45 पर घर के लिए निकल गई थी। कोई ऑटो या कैब मिलना मुश्किल हो रहा था। वह बारिश में भीग गई थी। तभी करीबन 15 मिनट बाद, एक कैब ड्राइवर आया और उसे घर तक छोड़ने के लिए राजी हो गया। उस कैब में पहले से ही ड्राइवर की बगल वाली सीट पर कोई बैठा हुआ था। सड़कों पर जलभराव के कारण शिखा को घर पहुंचने में करीबन पांच से छह घंटे लग गए।

शिखा कैब में बैठी हुई थी। लगातार उसके परिवार से उसे कॉल आ रहे थे। उसे चिंता भी हो रही थी कि वह ऐसी स्थिति में घर कैसे पहुंच पाएगी। तभी कैब ड्राइवर ने शिखा से कहा कि वह अपने परिवार वालों को कह दे कि वह सही सलामत घर पहुंच जाएगी। कैब ड्राइवर ने कहाः

“मैडम, घरवालों को बता दो आप ठीक ठाक पहुंच जाओगे। मैं आपको कैसे भी घर छोड़के रहूंगा। अब  गाड़ी में सबसे सुरक्षित हो। “

कैब ड्राइवर ने अपने वायदे को पूरा किया और उसे सुरक्षित घर तक पहुंचाया। कई जगह ट्रैफिक सिग्नल काम नहीं कर रहे थे। ट्रैफिक बेहद ही मंद रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। घुटनों तक पानी भरा हुआ था। ऐसे में कैब ड्राइवर की गाड़ी भी खराब हो सकती थी। लेकिन इन सब की परवाह किए बगैर उसने शिखा को घर छोड़ा। शिखा ने बताया कि ड्राइवर बीच रिश्ते में ही उसे उतरने को बोल सकता था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उसने अपनी जिम्मेदारी निभाई।

कैब ड्राइवर के इस निःस्वार्थ स्वभाव से प्रभावित होकर शिखा ने ड्राइवर की मदद करने की सोची। दरअसल, जब शिखा कैब में बैठी हुई थी। उस दौरान ड्राइवर के साथ हुई बातचीत में शिखा को पता चला कि जो अन्य शख्स गाड़ी में बैठा हुआ है वो ड्राइवर का ही रिश्तेदार है, जो गांव से मुंबई नौकरी की तलाश में आया हुआ है।

उस रिश्तेदार की मदद के लिए शिखा ने फेसबुक पर पोस्ट डाली, ताकि उसे जॉब मिल जाए। शिखा ने अपने पोस्ट में लिखा कि मनोज कुमार नाम का एक लड़का जो करीबन 20 साल का है, वह अपने गांव में कंप्युटर का टीचर था। अब वह मुंबई शहर में बतौर कंप्युटर ऑपरेटर की नौकरी तलाश रहा है। साथ ही शिखा ने  अन्य जानकारी भी साझा की।

इसके बाद कई लोगों ने शिखा के इस कदम की सराहना की और ड्राइवर की भी प्रशंसा की। साथ ही कई मदद करने को भी आगे आए।


Advertisement

यहां पढ़िए शिखा का पूरा पोस्ट:

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement