इस लड़की ने हादसे में दोनों हाथ खो दिए थे, अब डॉक्टरों ने लड़के का हाथ लगा दिया

Updated on 2 Oct, 2017 at 2:26 pm

मौत को करीब से देखकर जिंदगी का हौसला रखना काबिल-ए-तारीफ़ है। बस दुर्घटना में दोनों हाथ खोने वाली और  बुरी तरह जख्मी श्रेया ने भी जीने का हौसला छोड़ दिया था। इससे उबरने में उसे सालभर का समय लगा और अब हैंड ट्रांसप्लांट के जरिए उसे नए हाथ मिल गए हैं।

पिछले साल पुणे से मनीपाल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी की यात्रा के दौरान बस श्रेया ने अपने दोनों हाथ खो दिए। इस घटना के एक साल बाद श्रेया को हैंड ट्रांसप्लांट के जरिए नए हाथ मिले हैं।

कोच्चि के डॉक्टरों की टीम ने श्रेया के हाथों का सफ़ल ऑपरेशन किया।

श्रेया खुशी जाहिर करते हुए कहती हैः

“मुझे लगा था कि मैं अब जीवन भर अपाहिज बनकर रह जाऊंगी, लेकिन जैसे ही मेरी मां ने बताया कि मेरा हैंड ट्रांसप्लांट सफ़ल रहा, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब लग रहा है कि मैं फिर से सामान्य हो पाऊंगी। मेरी विकलांगता अस्थायी है।”



हैंड ट्रांसप्लांट का यह ऑपरेशन कोच्चि में अमृता इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के प्लास्टिक एंड रिकन्सट्रकटिव सर्जरी डिपार्टमेंट के प्रमुख चिकित्सक सुब्रमणियन अय्यर के नेतृत्व में किया गया। लगभग 13 घंटे लगने वाले इस ऑपरेशन में 20 सर्जन और 16 एनस्थेटिस्ट शामिल थे। डॉक्टरों ने लम्बे मशक्कत के बाद हाथ के प्रत्यारोपण में कामयाबी हासिल की।

कहा जा रहा है कि ये एशिया की पहली ऐसी सर्जरी है, जिसमें कोहनी से निचले के हाथों की जगह 20 साल के लड़के का हाथ लगाया है। डॉ मोहित शर्मा और डॉ रविशंकरन ने कहा कि श्रेया के हाथ को सामान्य होने में लगभग डेढ़ साल का समय लग जाएगा।

सर्जरी के बाद श्रेया ने डोनर सचिन, अस्पताल और डॉक्टर्स को धन्यवाद दिया।

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