Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

क्या आप जानते हैं ब्लेड के बीच में क्यों होती है यह खाली जगह? इसके पीछे है एक दिलचस्प वजह

Published on 10 February, 2018 at 7:17 pm By

रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली ऐसी कई चीजें है जिनका हम प्रयोग तो करते हैं, लेकिन उनके बारे में कई बाते है जो हम नहीं जानते। जैसे कि अब ब्लेड को ही ले लिजिएं। ब्लेड ऐसी चीज है, जो आज हर घर में पाई जाती है। शेविंग करने से लेकर हेयर कटिंग तक में ब्लेड का इस्तेमाल किया जाता है।


Advertisement

 

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ब्लेड के बीच में खाली जगह क्यों छोड़ी जाती है?  ब्लेड किसी भी कम्पनी का हो, लेकिन उसमे खाली जगह एक ही डिजाइन की क्यों होती है?

 

शायद आपको इन सवालों का जवाब न पता हो, तो चलिए हम आपको आज इस खास डिजाइन के पीछे की कहानी बताते हैं।

 

दरअसल, जिलेट कंपनी के प्रमुख संस्थापक किंग कैंप जिलेट ने विलियम निकर्सन की मदद से साल 1901 में ब्लेड का डिज़ाइन बनाया था।

 


Advertisement

1890 में किंग कैंप जिलेट बोतल के ढक्कन बनाने वाली एक कंपनी में बतौर सेल्समेन काम किया करते थे। इस दौरान उन्होंने नोटिस किया कि कैसे इस्तेमाल में आ जाने के बाद लोग बोतलों के ढक्कन फ़ेंक दिया करते हैं। फिर भी ऐसी छोटी सी चीज से इतनी बड़ी कंपनी चल रही है।



इस ‘यूज़ एंड थ्रो’ के फंडे से ही उन्हें ब्लेड बनाने का आईडिया आया। ऐसे में उन्होंने भी कुछ ऐसी ही चीज बनाने के बारे में सोचा, जो लोग इस्तेमाल करने के बाद उसे फ़ेंक दे और साथ ही साथ वो सस्ती भी हो।

उस दौर में पुरुष उस्तरे से शेविंग किया करते थे, जो खतरनाक माना जाता था। ऐसे में किंग कैंप जिलेट उस्तरे का विकल्प तलाशने की कोशिश में लग गए। आखिरकार 1901 में उन्हें सफलता मिली और दो धार वाली ब्लेड का आविष्कार उन्होंने कर दिया। इसी साल उन्होंने अपने नए ब्लेड के डिज़ाइन को पेटेंट भी करा लिया और साल 1904 में एक औद्योगिक रूप में ब्लेड का उत्पादन शुरू भी कर दिया । 1904 के समय जिलेट ने पहली बार 165 ब्लेड बनाए। सबसे पहले जिलेट ने ब्लू जिलेट नाम से ब्लेड बनाने शुरू किए।

 

बता दें कि 1901 में जिलेट ही इकलौती कंपनी थी, जिसने रेजर और ब्लेड बनाने की शुरुआत की। उस समय तक कोई भी कम्पनी ब्लेड बनाने के मैदान में नही थी।

 

 

लेकिन जब बाद में ब्लेड बनाने की शुरुआत दूसरी कंपनियों ने की, तो उन्हें जिलेट के ही डिज़ाइन को कॉपी करना पड़ा। ऐसा इसलिए क्योंकि उस वक्त मार्किट में रेजर जिलेट कंपनी के ही आते थे।  इसलिए रेजर में ब्लेड फिट करने के लिए शेव उसी डिजाइन में रखना पड़ाता था।

 


Advertisement

तब से लेकर आजतक ब्लेड का सिर्फ एक ही डिज़ाइन मार्किट में आया है। आज दुनिया में हर रोज लगभग 1 मिलियन के आस पास ब्लेड बनते है और वो सभी एक ही डिज़ाइन के होते हैं।

Advertisement

नई कहानियां

सुहागरात से जुड़ी ये बातें बहुत कम लोग ही जानते हैं

सुहागरात से जुड़ी ये बातें बहुत कम लोग ही जानते हैं


नेहा कक्कड़ के ये बेहतरीन गाने हर मूड को सूट करते हैं

नेहा कक्कड़ के ये बेहतरीन गाने हर मूड को सूट करते हैं


मलिंगा के इस नो बॉल को लेकर ट्विटर पर बवाल, अंपायर से हुई गलती से बड़ी मिस्टेक

मलिंगा के इस नो बॉल को लेकर ट्विटर पर बवाल, अंपायर से हुई गलती से बड़ी मिस्टेक


PUBG पर लगाम लगाने की तैयारी, सिर्फ़ इतने घंटे ही खेल पाएंगे ये गेम!

PUBG पर लगाम लगाने की तैयारी, सिर्फ़ इतने घंटे ही खेल पाएंगे ये गेम!


अश्विन-बटलर विवाद पर राहुल द्रविड़ ने अपना बयान दिया है, क्या आप उनसे सहमत हैं?

अश्विन-बटलर विवाद पर राहुल द्रविड़ ने अपना बयान दिया है, क्या आप उनसे सहमत हैं?


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

टॉप पोस्ट

और पढ़ें Culture

नेट पर पॉप्युलर