#MeToo: एमजे अकबर मामले में बीजेपी ने आखिर क्यों साधी हुई है चुप्पी!

Updated on 11 Oct, 2018 at 6:45 pm

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यौन शोषण को लेकर शुरू हुआ मीटू कैंपेन लगातार ज़ोर पकड़ता जा रहा है। जहां पहले महिलाएं खुलकर इस मुद्दे पर बात करने से हिचकती थी, अब नाना पाटेकर और तनुश्री विवाद ने महिलाओं की दबी आवाज़ को बाहर निकलने का बड़ा मौका दिया है। आज कल महिलाएं अपने साथ हुई ज्यादती और दुर्व्यवहार की घटना को खुलकर उजागर कर रही हैं। इसमें मीडिया और मनोरंजन जगत की बहुत सी नामचीन हस्तियों के नाम भी सामने आए है।

हाल के दिनों में फ़िल्म जगत के दिग्गज अभिनेताओं, हास्य कलाकारों, और मशहूर लेखकों सहित कई नामचीन हस्तियों पर अपनी पोजीशन का दुरुपयोग कर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। #MeToo मूवमेंट के तहत जिन लोगों पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं, उनमें रोहित रॉय, कैलाश खेर, आलोक नाथ, रजत कपूर, विकास बहल, उत्सव चक्रवर्ती, गुरसिमरन खंबा, चेतन भगत और सुभाश कपूर के नाम शामिल हैं।

 

अब #MeToo की बहस में देश के प्रमुख नामों में से एक विदेश मामलों के लिए राज्य मंत्री और पूर्व संपादक एमजे अकबर का नाम भी जुड़ गया है।

 


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एमजे अकबर पर लगा यौन शोषण का आरोप- Sexual Harrasment Charges On Mj Akbar

 

इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लागाया जा सकता है कि अब तक 9 महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर पर काम के दौरान उत्पीड़न और यौन शोषण का आरोप लगाया है। गजला वहाब ने उस वक्त की अपनी कहानी बयां करते हुए एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। यह बात उस वक्त की है जब वो अंग्रेजी अखबार ‘द एशियन एज’ में काम  करती थीं और एमजे अकबर इस अखबार के संपादक हुआ करते थे।

 

एमजे अकबर पर लगा यौन शोषण का आरोप- Sexual Harrasment Charges On Mj Akbar



 

गजला वहाब ने 1997 के उन 6 महीनों का ज़िक्र किया है जब अकबर ने उन्हें अपने केबिन में बुलाकर उनके साथ अश्लील हरकतें की। गजला ने लिखा है-

 

”एक दिन मैं बैठी डिक्शनरी देख रही थी, कि तभी उसने पीछे से आकर मुझे पकड़ लिया। घबराकर मैंने लड़खड़ाते हुए उठने की कोशिश की। उसने मेरी स्तन से लेकर हिप्स तक हाथ फेरना शुरु कर दिया। मैंने खुद को छुड़ाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उसने मुझे जकड़ रखा था। वह अपने अंगूठों से मेरे स्तन पर हाथ फेर रहा था।”

 

एमजे अकबर पर लगा यौन शोषण का आरोप- Sexual Harrasment Charges On Mj Akbar

 

मालूम हो कि अकबर पर सबसे पहले यौन शोषण का आरोप हिंदुस्तान टाइम्स की एडिटर प्रिया रमानी ने लगाया था। इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार हरिंदर बवेजा और प्रेरणा सिंह बिंदरा ने भी एमजे अकबर पर यौन शोषण से जुड़े कई संगीन आरोप लगाए है। इस मामले में बीजेपी चुप्पी साधी हुई है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में दो अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल कर महिला शक्ति को मज़बूत कर रहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने सहयोगी मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सवाल को टाल दिया। सीतारमण ने कहा वो इस सवाल का जवाब देने के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं और सुषमा स्वराज  अकबर पर लगे आरोपों की जांच के सवालों को नज़रअंदाज़ कर आगे बढ़ गईं।

अब तक इस विवाद पर एमजे अकबर ने भी कोई सफाई नहीं दी है। इस बीच खबर आई है कि एमजे अकबर को लेकर सरकार जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है। अनौपचारिक रूप से बीजेपी के वरिष्ठ मंत्री इस एमजे अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। फिलहाल एमजे अकबर नाइजीरिया के दौरे पर हैं। माना जा रहा है कि उनके देश लौटते ही पार्टी उनपर लगे आरोपों को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है। जाहिर है आगामी लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी यह हरगिज नहीं चाहती होगी कि एमजे अकबर पर लगे आरोपों के छींटे उसके दामन पर पड़े।


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