सामान्य श्रेणी के छात्रों को अब होगा फायदा, फडणवीस सरकार ने कुछ ऐसा किया कि आप भी करेंगे सराहना

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Updated on 15 Oct, 2016 at 4:17 pm

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महाराष्ट्र सरकार ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए, राजर्षि शाहू महाराज शुल्क प्रतिपूर्ति योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र उच्च व व्यवसायिक शिक्षा हासिल कर पाएंगे।

इस योजना का लाभ किसी जाति या पंथ को नहीं, बल्कि हर वर्ग के बच्चों को मिलेगा। इसके अन्तर्गत किसी तरह का आरक्षण नहीं है। इस योजना को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी गई है।

इस कदम को शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसला बताते हुए मुम्बई के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि इस योजना के अंतर्गत उच्च व व्यवसायिक शिक्षा हासिल करने वाले सभी वर्ग के छात्रों की फीस का भुगतान सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि इससे दक्ष लोग तैयार होंगे। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए यह एक अच्छा कदम है।


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मुख्यमंत्री फडणवीस का कहना है कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति छात्रों के लिए फीस में 100 फीसदी छूट है, जबकि अन्य पिछड़े वर्ग के छात्रों को 50 प्रतिशत की रियायत है।

ऐसे में अब इस योजना के अन्तर्गत वह सभी छात्र आएंगे, जिनके परिवार की आय सालाना 6 लाख रुपए तक सीमित है और दाखिला के समय जिन छात्रों ने 60 प्रतिशत नंबर हासिल किए हों। जिन छात्रों के परिवार के आय सीमा  2.5 लाख रुपए है, उन छात्रों के लिए कोई विशेष शर्त नहीं होगी।

मुख्यमंत्री के आकंड़ों के अनुसार, इस योजना का लाभ सरकारी कॉलेजों के लगभग 6,000 छात्रों और निजी कॉलेजों के 1.45 लाख छात्रों को मिलेगा।

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