जवानों की शहादत से आहत हुए गौतम गंभीर, कहा- ‘क्या हम उनके बलिदान के लायक भी हैं!’

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Updated on 26 Apr, 2017 at 5:31 pm

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छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 25 जवान शहीद हो गए।

कई लोगों ने सोशल साइट्स पर या कहे डिजिटल माध्यम से इस हमले की निंदा की। लेकिन एक सवाल उठता है कि जो ये जवान अपना सीना ताने देशवासियों की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं, क्या हम लोग इन की शहादत के लायक भी है?

एसी में बैठकर, टीवी पर आकर या सोशल मीडिया पर निंदा भर कर देने से, देश के प्रति क्या हमारा कर्त्तव्य पूरा हो जाता है? इसी कड़ी में क्रिकेटर गौतम गंभीर ने इन शहीद हुए जवानों के प्रति व्यक्त करते हुए लिखा-

“एयर कंडीशनिंग में कमी होने पर या फिर अपनी एसयूवी कार के साइज को लेकर हम परेशान हो जाते हैं। इन्हें छोड़कर एक बार सीआरपीएफ के शहीद जवानों की बेटियों के भविष्य के बारे में सोचिए।”

अपनी व्यथा को सामने रखते हुए गंभीर आगे लिखते हैं-

देश के लिए 25 सीआरपीएफ जवानों ने जान दे दी है। कई बार मैं सोचता हूं क्या हम उनके बलिदान के लायक भी हैं।’

इससे पहले भी गौतम गंभीर ने इस मसले पर कड़ी कारवाई करने की बात करते हुए कहा था कि हमारे जवानों की जान सस्ती नहीं है।अब कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने लिखा:

“कभी छत्तीसगढ़, कश्मीर और कभी नॉर्थ इस्ट, क्या हमें जगने के लिए और अलार्म बेल्स की जरूरत है? या हम बहरे हो गए हैं? हमारे देश के जवानों की जिंदगी सस्ती नहीं है, किसी को इसकी कीमत चुकानी होगी।”

गौतम गंभीर ने इससे पहले कश्मीर में सीआरपीएफ के जवान के साथ बदसलूकी के विडियो पर अपनी कड़ी टिप्पणी दी थी। ट्वीट में गंभीर ने लिखा था कि सेना के जवान पर पड़ने वाला हर तमाचा 100 जिहादियों की जान के बराबर है, जो आजादी चाहते हैं वह मुल्क छोड़ दें। कश्मीर हमारा है।

एक दूसरे ट्वीट में गंभीर ने कहा था कि देश विरोधी लोग ये जान लें कि तिरंगे में केसरी रंग- हमारे क्रोध की आग, सफेद- जिहादियों के लिए कफन और हरा- आतंक के खिलाफ घृणा को दर्शाता है।

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