ये हैं गंधेश्वर महादेव, इनसे निकलती है तुलसी की खुशबू

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Updated on 10 Dec, 2015 at 1:24 pm

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छत्तीसगढ़ के सिरपुर में चल रही खुदाई में पुरातत्व विशेषज्ञों को एक शिवलिंग मिला है। करीब 2 हजार साल पुराने इस शिवलिंग की खासियत यह है कि इससे तुलसी के पत्तों सरीखी खुशबू आती है। यह शिवलिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों वाले पत्थर से बना हुआ है।

यही नहीं, यह वाराणसी के काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकालेश्वर शिवलिंग जैसा चिकना है। इस शिवलिंग का नाम दिया गया है गंधेश्वर महादेव। 4 फीट लंबा 2.5 फीट की गोलाई वाले इस शिवलिंग में विष्णु सूत्र (जनेऊ) और असंख्य शिव-धारियां हैं।

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12वीं सदी में तबाह हुआ था यह मंदिर

विशेषज्ञ मानते हैं कि यहां एक समय विशाल मंदिर हुआ करता था, जिसका निर्माण पहली शताब्दी के शुरू में सरभपुरिया राजाओं द्वारा किया गया था। 12वीं सदी में आए विनाशकारी भूकम्प और बाद में चित्रोत्पला महानदी की बाढ़ में यह विशाल मंदिर परिसर तबाह हो गया। हालांकि यह शिवलिंग सुरक्षित बच गया था।

इस स्थान पर पुरातत्व विभाग पिछले कई सालों से खुदाई करा रहा है। यहां अब तक कई छोटे-बड़े शिवलिंग निकल चुके हैं। लेकिन यह पहली बार है कि जब इतना बड़ा शिवलिंग मिल सका है।

पुरातत्व सलाहकार अरुण कुमार शर्मा कहते हैंः

‘ब्रिटिश पुरातत्ववेत्ता बैडलर ने 1862 में लिखे संस्मरण में एक विशाल शिवमंदिर का जिक्र किया है। लक्ष्मण मंदिर परिसर के दक्षिण में स्थित एक टीले के नीचे राज्य के संभवत: सबसे बड़े और प्राचीन शिव मंदिर की खुदाई होना बाकी है।’

जमीन के नीचे दबा है इतिहास

पुरातत्व विशेषज्ञ कहते हैं कि यहां की जमीन के नीचे एक पूरी सभ्यता का इतिहास दफन है। विनाशकारी भूकम्प और बाढ़ की वजह से रेत और मिट्टी की परतें इलाके को दबाती चलीं गईं।

यहां चल रही खुदाई में सिक्के, प्रतिमाएं, ताम्रपत्र, बर्तन, शिलालेख आदि मिल रहे हैं। माना जाता है कि यहां से करीब 2 हजार साल पुरानी चीजें मिल रही हैं, जो पुरातत्व के लिहाज से अनमोहल धरोहर हैं।


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