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गामा पहलवान की दास्तान जानकर होंगे हैरान, आज भी दी जाती हैं मिसालें!

Published on 27 May, 2018 at 10:16 am By

दुनियाभर में एक से एक पहलवान हुए हैं, लेकिन गामा पहलवान की बात ही जुदा है। ऐसे अजेय पहलवान कोई न हुआ और शायद न होगा। ब्रिटिश इंडिया में जन्मे गामा अब भी मुहावरों में ज़िंदा हैं, लेकिन उनकी उपलब्धियों को क्रिकेटप्रेमी देश में कौन याद रखेगा? दंगल के उस्ताद गामा को हम मुहावरों से सिर्फ आपके लिए खोज लाए हैं!

दंगल के किंग ‘गामा पहलवान’


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गामा पहलवान के नाम से मशहूर ग़ुलाम मोहम्मद का जन्म 22 मई, सन 1878 को अमृतसर में हुआ था। पिता से शुरुआती दाव-पेंच सीखने के बाद महज 10 साल की उम्र में जोधपुर के राजा द्वारा आयोजित कुश्ती में विजेता बनकर चर्चा बटोरी। उनको नन्हें पहलवान के तौर पर देशभर में ख्याति मिल गई। 19 साल के होते-होते देश में वे अजेय पहलवान बन गए थे।

 

 

फिर भी उनके लिए गुजरांवाला का करीम बक्श सुल्तानी चुनौती बनकर उभरा। उससे भी उन्होंने लाहौर में टक्कर ली और परिणाम नहीं निकला। इसके बाद उन्हें दंगल का बादशाह कहा जाने लगा। हालांकि, बाद में उन्होंने विदेशी पहलवानों से भी टक्कर ली और विश्व विजेता बने।

ऐसे हुए विश्व विजेता पहलवान



 

 

1910 में लंदन के ‘चैंपियंस ऑफ़ चैंपियंस’ नामक कुश्ती प्रतियोगिता में उन्होंने पोलैंड के विश्व विजेता पहलवान ‘स्तानिस्लौस ज्बयिशको’ को खुला चैलेंज दिया। गामा ने महज एक ही मिनट में पोलैंड के इस पहलवान को गिरा दिया लेकिन उसे ये चित न कर सके। खेल बराबरी का घोषित हो गया।

इसके बाद इन्होंने एक सप्ताह के भीतर फिर से उसे चैलेंज किया, लेकिन पोलैंड का पहलवान आया ही नहीं। ऐसे में गामा को विश्व बिजेता घोषित कर दिया गया। पत्रकारों ने जब ज्बयिशको से अनुपस्थित रहने का कारण पूछा तो उन्होंने साफ़ कहा कि गामा मेरे वश के बात नहीं है!

मुफलिसी में गुजरी जिंदगी की शाम

 

 

इतना कुछ होने के बाद भी गामा के जिंदगी की शाम मुफलिसी में गुजरी थी। बंटवारे के बाद वह पाकिस्तान चले गए, जहां उन्होंने बेहद गरीबी में दिन गुजारे। हालांकि, उनके लिए हिंदुस्तान के कुश्ती प्रेमी घनश्याम दास बिड़ला 300 रुपये महीने बतौर पेंशन भेज दिया करते थे। बाद में बड़ौदा के राजा भी उनकी सहायता करने के लिए आगे बढ़े। तब जाकर पाकिस्तान सरकार की आंखें खुली और उसने उनके इलाज का खर्चा उठाया। मई 1960 में वे इस दुनिया से चल बसे और मुहावरों में कैद हो गए।


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ऐसे थे गामा…उनके बारे में और अधिक जानकारी हो तो कमेन्ट करके बताएं!

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