फ्रान्स मीडिया में आतंकवादियों को नहीं मिल सकेगा प्रचार, नाम और फोटो छापने पर पाबंदी

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Updated on 29 Jul, 2016 at 2:31 pm

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फ्रान्स के नीस शहर में पिछले 14 जुलाई को हुए हमले के बाद फ्रेन्च मीडिया ने यह तय किया है कि अब हमलों में लिप्त आतंकवादियों के नाम और फोटो नहीं छापे जाएंगे।

फ्रेन्च मीडिया का मानना है कि इससे आतंकवादियों को अधिक प्रचार नहीं मिल सकेगा।

फ्रान्स के लोकप्रिय अखबार ले मोन्डे ने हाल ही में अपने संपादकीय में लिखा था कि समाज के सभी वर्गों को आतंकवाद के खिलाफ चल रहे संघर्ष में एकजुटता दिखानी होगी। इस संघर्ष में मीडिया संगठनों का रोल अहम होगा।

ले मोन्डे के प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है कि इस अखबार में अब इस तरह की कोई सामग्री प्रकाशित नहीं की जाएगी, जिससे इस्लामिक स्टेट या अन्य आतंकी संगठनों को प्रचार मिले।

ले मोन्डे प्रबंधन के इस निर्णय के बाद कई मीडिया घरानों ने भी इस पर अमल करने की ठानी है।

यही वजह है कि नीस में हुए आतंकी हमले के बाद हमलावर की पहचान तत्काल सार्वजनिक नहीं हो सकी थी।


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माना जा रहा है कि जल्दी ही यूरोप-1 रेडियो और फ्रान्स 24 जैसे बड़े टीवी चैनल भी कुछ इसी तरह का निर्णय लेंगे।

हालांकि, फ्रान्स टेलिविजन्स चैनल ने आतंकवादियों की तस्वीर या नाम न छापने के निर्णय से आंशिक असहमति जताई है। इस चैनल का कहना है कि जनता को जागरूक करना या जानकारी देना मीडिया का काम है, इसलिए सेल्फ सेन्सरशिप की अवधारणा पर जोर नहीं दिया जाना चाहिए।

इस चैनल का कहना है कि अगर आतंकवादी हमलों में लिप्त लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए तो लोगों में चिन्ता बढ़ सकती है और उन्हें लग सकता है कि उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है।


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