फोर्टिस अस्पताल पर मुर्दे के इलाज का आरोप, चार दिन पहले ही मर गया था मरीजः रिपोर्ट

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Updated on 23 Jan, 2017 at 8:59 am

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नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल पर एक मुर्दे के इलाज का आरोप लगा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, यहां भर्ती कराई गई महिला मरीज के पति ने आरोप लगाया है कि उसकी मौत चार दिन पहले ही हो गई थी, इसके बावजूद कथित तौर पर इलाज चल रहा था। मृतका के पति का आरोप है कि उन्हें इस बारे में तब पता चला जब वह दूसरे अस्पताल से एम्बुलेन्स तथा डॉक्टर को लेकर फोर्टिस पहुंचे थे। उनका कहना था कि दूसरे अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उनकी पत्नी की मौत चार दिन पहले ही हो चुकी है। अस्पताल में इस बात को लेकर जमकर हंगामा हुआ और अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। बाद में पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मामले को शांत किया।

रिपोर्ट में बताया गया है कि मेरठ के जयदेवी नगर में रहने वाली मिथिलेश नामक महिला के पेट में रसौली थी। करीब 8 महीने पहले मेरठ के एक अस्पताल में उनका ऑपरेशन कराया गया था, जिसके बाद संक्रमण हो गया। करीब 15 दिन पहले मिथिलेश के पति अनिल ने उन्हें सेक्टर 62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया।

मिथिलेश की हालत गंभीर बताते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल ने इलाज के नाम पर उनसे प्रतिदिन डेढ़ लाख रुपए लिए। वह जब भी पत्नी के स्वास्थ्य के बारे में पूछते तो यही जवाब मिलता जल्दी ठीक हो जाएंगी। बाद में इसी बात पर हंगामा हो गया।


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इस संबंध में फोर्टिस अस्पताल प्रबंधन ने एक बयान जारी करते हुए कहाः

मरीज को पांच जनवरी को मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति में लाया गया था। उसे लाइफ सपोर्ट पर रखा गया। मरीज की लगातार डायलिसिस की जा रही थी। बुधवार को मरीज के परिजन उसे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की बात करने लगे। अस्पताल ने परिजन को लीव अंगेस्ट मेडिकल एडवाइज प्रक्रिया पूरी करते हुए मरीज को ले जाने की इजाजत दे दी।

यह पहली बार नहीं है कि जब किसी प्राइवेट अस्पताल पर इस तरह के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी निजी अस्पतालों पर इस तरह के आरोप लगते रहे हैं।


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