‘अटल’ के लिए दिलीप कुमार ने पाक पीएम को जमकर लगाई थी फटकार, सन्न रह गए थे शरीफ

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Updated on 16 Aug, 2018 at 7:13 pm

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करीब छह दशक तक भारतीय राजनीति के स्‍तंभ रहे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व ऐसा था कि हर कोई उनका मुरीद था। वह जब बोलते थे तो हर कोई उनकी आवाज के जादू से मंत्रमुग्ध हो जाता था। आज हम आपको अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ा एक किस्सा बताने जा रहे हैं, जिसमें सदाबहार अभिनेता दिलीप कुमार का जिक्र है।

 

 


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अटल जी दिग्गज एक्टर दिलीप कुमार के बहुत करीबी माने जाते रहे। इन दोनों के आपसी रिश्ते इतने अच्छे थे कि एक बार अटल बिहारी वाजपेयी के लिए दिलीप कुमार ने तत्कालीन पाकिस्तान पीएम नवाज शरीफ को डांट तक लगा दी थी। दिलीप साहब इतना गुस्सा थे कि उन्होंने  शरीफ को शराफत में रहने की नसीहत तक दे डाली थी।

 

 

यह घटना उस वक्त की है, जब पाकिस्तान ने कारगिल युद्ध के जरिए भारत की पीठ पर खंजर घोंपने वाला काम किया था। करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ी गई इस जंग में 527 भारतीय जवान शहीद हुए थे और 1363 जवान घायल हुए थे। भारत ने ये लड़ाई 84 दिन में जीत ली थी।

 

इस दौरान एक ऐसा वक्त भी आया, जब जंग को खत्म करने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ को फोन किया और उनकी बात एक्टर दिलीप कुमार से करवाई। उस वक्त दिलीप कुमार की आवाज सुनकर नवाज एकदम चौंक गए थे।

 

 

पाक के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी ने अपनी किताब “नाइदर अ हॉक नॉर अ डव” में कारगिल युद्ध का जिक्र किया है। इसी किताब में इस किस्से के बारे में भी बताया गया है।

 

किताब में बताया गया है कि पाकिस्तान के इस बागी रवैए के बाद वाजपेयी साहब ने शरीफ को फोन किया था, बड़ी तल्ख आवाज में कहा था कि हम तो आपके यहां लाहौर में दोस्‍ती का पैगाम लेकर आए थे, लेकिन आपने तो बदले में हमको कारगिल युद्ध दे दिया। इतना कहने के बाद अटलजी ने फोन अभिनेता दिलीप कुमार को पकड़ा दिया।

 

 

 



बता दें कि कारगिल युद्ध से पहले ही भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में लाहौर समझौता हुआ था। इसमें दोनों देशों ने विश्वव्यापी परमाणु निस्त्रीकरण और अप्रसार के उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई थी। इसके अलावा इस समझौते में जम्मू-कश्मीर सहित तमात मुद्दों के समाधान के प्रयास में तेजी लाने की भी बात कही गई। फौजों को अंतर्राष्ट्रीय सीमा से अपनी-अपनी तरफ वापस लाने पर सहमति बनी थी। इसमें शिमला समझौते के प्रति भी प्रतिबद्धता भी जाहिर की गई थी।

 

 

हालांकि, फिर पाकिस्तान के नए सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ की शह पर फिर से पाकिस्तान अपनी ओछी हरकतों पर उतर आया। कारगिल में घुसपैठ शुरू हो गई और स्थिति एक बार फिर से तनावपूर्ण हो गई। कहा जाता है कि मुशर्रफ ने शरीफ से सत्ता हथियाने के लिए कारगिल को अंजाम दिया था।

 

 

कसूरी की किताब के मुताबिक, उस वक्त अटलजी की नाराजगी पर नवाज शरीफ ने फोन पर उनसे वादा किया कि तत्‍कालीन पाक आर्मी चीफ जनरल परवेज मुशर्रफ के साथ बात करके वह वाजपेयी को फोन करेंगे।

 

इसके बाद उनकी बात खत्‍म होती इससे पहले वाजपेयी ने फोन अभिनेता दिलीप कुमार को पकड़ा दिया। शरीफ दिलीप कुमार की आवाज सुनकर हैरान रह गए थे। दिलीप कुमार ने फोन पर नवाज शरीफ से कहाः

 

“मियां साहब! आप हमेशा से ही पाकिस्तान और भारत के बीच अमन के सबसे बड़े हिमायती रहे हैं, हमने आपसे ऐसी उम्मीद नहीं की थी। मैं एक भारतीय मुसलमान के तौर पर आपको बताना चाहता हूं कि पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव की स्थिति में भारतीय मुस्लिम बहुत असुरक्षित हो जाते हैं और उन्हें अपने घरों से भी बाहर निकलना मुश्किल लगता है। इसलिए, हालात को काबू में करने के लिए कुछ कीजिए। शराफत में रहिए।”

 

 

गौरतलब है कि साल 1997 में दिलीप कुमार भी अटलजी के साथ बस से लाहौर गए थे। उसी साल ही पाकिस्तान ने दिलीप कुमार को अपने सर्वोच्च सम्मान ‘निशान ए इम्तियाज’ से भी सम्मानित किया था। आज भी पाकिस्तान की आवाम दिलीप कुमार की फैन है। दिलीप कुमार मूलत: पाकिस्तान के पेशावर के रहने वाले हैं और आज भी वहां उनका पुश्तैनी घर है।

 

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