खाना बर्बाद होने से बचाने के लिए ब्रिटेन के दो दोस्तों ने खोला स्टोर, ग्राहकों की लगती है लाइन

11:40 am 18 Jul, 2018

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कई बार छोटे-छोटे प्रयास एक व्यापक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम साबित होते हैं। कुछ समय पहले इंग्लैंड के एडम स्मिथ और जो हर्कबर्क ने एक ऐसी ही छोटी सी पहल की, जो अब एक खास मुहिम बन चुकी है। इंग्लैंड के रहने वाले इन दो शख्सों ने खाना बर्बाद होने से बचाने के लिए कुछ साल पहले जंक फूड स्टोर चेन की शुरुआत की थी।

इस स्टोर में सुपरमार्केट द्वारा रिजेक्ट किए गए फूड आइटम्स के अलावा, रेस्तरां का बचा हुआ खाना भी लाया जाता है। इसके बाद यहां लाए गए खाने को जरूरतमंद अपनी इच्छा के अनुसार कीमत चुकाकर ले जाते हैं।

 

खाना बर्बाद होने से बचाता है ये स्टोर ( the store save food from wastage)

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इस स्टोर में लोगों को हर वो सामान मिलता है, जिसे खरीदने के लिए वो सुपरमार्केट का रुख करते है। इसमें, फल, सब्जियां, ब्रेड, केक और चिकन समेत कई खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इस स्टोर की शुरुआत “द रीयल जंक फूड प्रोजेक्ट्स” नाम से की गई थी।

स्टोर को सोमवार से शनिवार तक सिर्फ 2 घंटो के लिए खोला जाता है। इस दौरान यहां खरीदारों की लंबी लाइन लग जाती है। इस स्टोर की लोकप्रियता इतनी तेजी से बढ़ी है कि कई बार कुछ चीजों का ज्यादा स्टॉक आने के बावजूद वो जल्दी ही में बिक जाती है। यहां लाई जाने वाली आइटम्स सुपरमार्केट के स्टैंडर्ड्स को तो मैच नहीं करती, लेकिन ये खाने लायक होती हैं। मसलन सुपरमार्केट में दिए गए डिब्बे पर अगर खरोंच का निशान है तो वो यहां लाया जाता है।  इसके अलावा अगर किसी सब्जी की डंडी हरी से लाल पड़ गई तो वो भी यहां लाई जाती है।

 

 

साल 2016 में एडम ने अपना पहला स्टोर खोला था। वहीं अब इंग्लैंड में उसके ऐसे चार स्टोर खुल चुके है, जबकि 6 नए स्टोर खोलने की तैयारी चल रही है। स्टोर हर हफ्ते लगभग 25 हजार लोगों को खाना उपलब्ध कराता है। साथ ही इनका हर एक स्टोर सप्ताह में लगभग 6 टन खाना बर्बाद होने से बचाता है।

एडम एक समय फार्म में काम किया करते थे। उस फार्म में सुअरों को ककड़ी खिलाई जाती थी और बहुत सी ककड़ी खराब हो जाती थी। वहीं बहुत से लोगों के लिए ककड़ी खरीदना संभव नहीं था। यहीं से उन्हें खाना बचाने का आइडिया आया।

दुनियाभर में हर साल जितना भोजन तैयार होता है उसका एक तिहाई यानी 1 अरब 30 करोड़ टन बर्बाद हो जाता है। भारत की बात करें तो विश्व भूख सूचकांक में भारत का स्थान 67वां है, इस लिहाज से देखें तो भारत में हर चौथा व्यक्ति भूखा सोता है। ऐसे में हमारे देश में इस तरह की पहल उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जिन्हें दो जून की रोटी मयस्सर नहीं।

 

खाना बर्बाद होने से बचाता है ये स्टोर ( the store save food from wastage)

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