फ्लिपकार्ट ने पहले तो गलत प्रोडक्ट भेजा, शिकायत करने पर कर दिया बड़ा झोल

Updated on 29 Jun, 2018 at 2:43 pm

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भारत में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। कई तरह के लुभावने ऑफर्स देने वाली ई- कॉमर्स कंपनियों ने देश में एक बहुत बड़ा ग्राहक वर्ग तैयार कर लिया है। हालांकि, गलत सामान की डिलिवरी और प्रोडक्ट की गुणवत्ता को लेकर ये ई- कॉमर्स कंपनियां कई बार उपभोक्ताओं के निशाने पर आ चुकी हैं।

एक रिसर्च के मुताबिक, भारत में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लगभग 30 प्रतिशत ग्राहक प्रोडक्ट में गड़बड़ी या खराब क्वालिटी के कारण उसे लौटा देते हैं।

 

 

ताजा मामला कोलकाता का है, जहां एक युवक को ई- कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने न सिर्फ गलत सामान की डिलिवरी की, बल्कि गड़बड़ी की शिकायत करने पर उसे भाजपा का सदस्य भी बना डाला। जाहिर है, यह सुनने में काफी अटपटा लग रहा है, लेकिन हुआ कुछ ऐसा ही है।

 

 

दरअसल, पश्चिम बंगाल का रहने वाला यह युवक फुटबॉल का शौकीन है और इन दिनों फीफा वर्ल्ड कप को फॉलो कर रहा है। इसलिए उसने फ्लिपकार्ट से हेडफोन का ऑर्डर प्लेस किया, ताकि वो रात में घरवालों को परेशान किए बिना फुटबॉल मैचों का लुत्फ उठा सके। हालांकि, कंपनी ने  हेडफोन की जगह युवक को तेल की बोतल भेज दी। इस संबंध में जब युवक ने कंपनी के कस्टमर केयर नंबर  1800 266 1001  पर कॉल किया तो एक रिंग के बाद ही फोन कट गया। युवक के दोबारा कॉल करने से पहले ही उसके फोन पर एक मैसेज आया, जिस पर लिखा था ‘वेलकम टू बीजेपी’ इसके बाद प्राइमरी मेंबरशिप नंबर के साथ साथ पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई थी।

 


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जब  ग्राहक यानी युवक ने इस नंबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर किया, तो उन्हें भी यही मैसेज मिला। जांच करने के बाद पता चला कि कंपनी के पैकेट पर लिखा हुआ नंबर 1800 266 1001 भाजपा का है। इसके बाद युवक ने फ्लिपकार्ट का सही नंबर खोजकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

 

 

बीजेपी ने इस मामले में फ्लिपकार्ट से किसी भी तरह के संबंध होने से इंकार किया है। पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि  बीजेपी का नंबर पार्टी की वेबसाइट के साथ-साथ कई जगहों पर सार्वजनिक किया जा गया है। ऐसे में अगर कोई इसका इस्तेमाल करता है तो ये पार्टी की जिम्मेदारी नहीं है।

 

 

वहीं, ई- कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट का कहना है कि उसने ये नंबर 3 साल पहले ही छोड़ दिया था। हालांकि, पैकिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कई टेप्स पर ये नंबर अभी भी प्रिटेंड है। फ्लिपकार्ट ने युवक से माफी मांगते हुए उसे जल्द ही सही प्रोडक्ट की डिलिवरी करने का आश्वासन दिया है।

 

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