जोयिता बन गईं हैं देश की पहली ट्रांसजेंडर जज, कभी छोड़ना पड़ा था घर

Updated on 21 Oct, 2017 at 3:34 pm

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कहते हैं कि इरादे मजबूत हों तो मंजिल मिलती ही है। इसे सच कर दिखाया है कोलकाता की जोयिता मंडल ने। वह देश की पहली ट्रांसजेंडर जज बन गई हैं और लोगों को प्रेरित कर रही हैं। जोयिता की पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर की लोक अदालत में हुई है।

राज्य लीगल सर्विस अथॉरिटी की मुहर लगने के बाद उनकी नियुक्ति पिछले 8 जुलाई को हुई। लोक अदालत में तीन जज की बेंच बैठती हैं जिसमे एक वरिष्ठ जज, एक वकील और एक सोशल वर्कर शामिल होता हैं। जोयिता को सोशल वर्कर के रूप में जज की पोस्ट पर नियुक्त किया गया हैं।

कठिन रहा आरंभिक जीवन


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जोयिता का आरंभिक जीवन बहुत ही संघर्षमय रहा जब उन्हें किन्नर होने की वजह से पहले तिरस्कार और फिर घर छोड़ने को बाध्य होना पड़ा। जोयिता का जन्म कोलकाता में जयंत मंडल के रूप में हुआ था। वह एक किन्नर थीं, लिहाजा उन्हें स्कूल के साथ-साथ 2009 घर भी छोड़ देना पड़ा। उनकी हरकतों से स्कूल के छात्र चिढ़ाते थे तो घर में डांट खानी पड़ती थी।

अपने सफ़र के बारे में जोइता कहती हैंः

“मैंने नौकरी के लिए कॉल सेंटर ज्वाइन किया लेकिन वहां भी लोग मजाक बनाते थे। कोई किराए पर घर देने को भी तैयार नहीं था तो कई बार फुटपाथ पर खुले आसमान के नीचे सोना पड़ा।”

जोयिता ने बताया कि 2010 में वो दिनाजपुर आई तो एलजीबीटी लोगों को उनके राइट्स के बारे में नहीं पता था। उन्होंने फिर नया रोशनी फॉर दिनाजपुर डिस्ट्रिक संस्था बनाकर काम करना शुरू किया। इस संस्था के जरिए वो एलजीबीटी कम्यूनिटी के मौलिक अधिकारों के लिए काम कर रही हैं।

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