हरियाणा में पहली बार 900 के पार हुआ लिंगानुपात

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Updated on 2 Sep, 2017 at 5:42 pm

हरियाणा में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान सफल हो रहा है। लिंगानुपात के मामले में बेहद चिन्ता के दौर से गुजर रहे इस राज्य में पहली बार लिंगानुपात 900 के पार हो गया है। राज्य सरकार का दावा है कि पिछले दिसम्बर महीने में पहली बार यहां 1,000 लड़कों पर 903 लड़कियों का आंकड़ा दर्ज किया गया है।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा से ही शुरू किया था। बताया गया है कि हरियाणा के 21 में से 12 जिलों में लड़कियों की संख्या बेहद कम थी। अब राज्य सरकार दावा कर रही है कि इस स्थिति में सुधार हुआ है।

indianexpress

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चंडीगढ में आय़ोजित एक संवाददाता सम्मेलन में इस बात की जानकारी देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि राज्य के 12 जिलों में लिंगानुपात 900 से ऊपर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक दिसम्बर महीने में पंचकुला में 961, करनाल में 959, फतेहाबाद में 952, गुड़गांव में 946, सोनीपत में 942, जींद में 940, रेवाड़ी में 931, मेवात में 923, भिवानी में 912, महेन्द्रगढ़ में 912 और हिसार में 906 आंकड़ा तक पहुंच गया है।



एक मात्र झज्जर जिला ऐसा है, जहां लिंगानुपात 800 से कम है। बताया गया है कि राज्य सरकार इस कोशिश में लगी है कि लिंगानुपात को अगले छह महीने में 950 तक पहुंचाया जा सके।

गौरतलब है कि वर्ष 2015 की 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पानीपत में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरूआत की थी। बाद में राज्य सरकार ने एक प्रावधान किया था जिसके तहत अवैध लिंग जांच या अवैध गर्भपात की जानकारी देने वालों को एक लाख रुपया इनाम दिया जाता है।

अब तक इस तरह की जानकारी देने वाले 17 को इनाम दिया जा चुका है।


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