पहली बार होने जा रहा है मानव सिर का ट्रांसप्लांट, धड़ से जुड़ जाएगा आदमी का कटा सिर

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Updated on 1 Apr, 2017 at 5:32 pm

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हिन्दू पौराणिक कथाओं में आपने भगवान गणेश के गज मस्तिष्क की कहानी तो सुनी ही होगी कि कैसे भगवान शिव ने क्रोध में आकर बाल गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया था। फिर हाथी के सिर को उनके शरीर से जोड़ा गया था।

अब ऐसा ही कुछ पहली बार मानवीय इतिहास में होने जा रहा है। इटली के सर्जन डॉ. सर्गियो कैनवेरो ने ऑपरेशन के जरिए एक व्यक्ति का सिर दूसरे के धड़ से जोड़ने का दावा किया है।

इसके लिए एक रूसी युवक ने अपने सिर को अपनी इच्छा से डोनेट करने का निर्णय लिया है। 31 वर्षीय रूसी कंप्यूटर वैज्ञानिक वैलेरी स्पिरिदोनोव दुनिया के ऐसे पहले शख्स बनने जा रहे हैं, जिनका सिर दूसरे व्यक्ति के शरीर पर लगाया जाएगा।

आपको बता दें कि वैलेरी मांसपेशियों से जुड़ी एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी मस्कुलर डायस्ट्रोफी/वर्डनिग-हॉफमैन डिजीज से जूझ रहे हैं। उन्होंने खासतौर पर इस ऑपरेशन के लिए अपनी इच्छा जताई, जिसके बाद डॉ. कैनवेरो ऑपरेशन करने को  राज़ी हो गए हैं।

इस ऑपरेशन में बीमारी से जूझ रहे वैलेरी के सिर को धड़ से अलग कर दूसरे शख्स के शरीर पर लगाया जाएगा। वहीं, वैलेरी के सिर के लिए एक ब्रेनडेड शख्स के शरीर का उपयोग किया जाएगा।

ऐसे दिया जाएगा इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम


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इस ऑपरेशन के लिए दोनों धड़ों को बेहद तेज ब्लेड से सफाई के साथ अलग किया जाएगा। इसके बाद रीढ़ की हड्डी को एक केमिकल की मदद से चिपकाया जाएगा। फिर सिर और शरीर की मांसपेशियों को आपस में जोड़ा जाएगा।

इस पूरी जटिल प्रक्रिया के बाद करीबन चार हफ्तों के लिए मरीज को कोमा में रखा जाएगा। इस दौरान ये बात खासतौर पर ध्यान रखी जाएगी कि सिर और शरीर में किसी तरह का कोई मूवमेंट न हो। इस ऑपरेशन को करने में करीबन 69 करोड़ का खर्च आएगा।

अगर ये ऑपरेशन सफल रहता है तो वैलेरी स्पिरिदोनोव पहली बार चल सकने में समर्थ होंगे। वहीं, मानव सिर का यह ट्रांसप्लांट सफल रहा तो मेडिकल साइंस में कई लाइलाज बीमारियों का इलाज संभव होगा। इस ऑपरेशन से जुड़ी प्रक्रिया का दिसंबर 2017 में शुरू होने का अनुमान है।

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