फ़ोन अपडेट के नाम पर कहीं आपके साथ भी तो नहीं हुई धोखाधड़ी? सामने आया बड़ा फ़र्जीवाड़ा

Updated on 25 Oct, 2018 at 6:58 pm

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इटली की कंज्यूमर अथॉरिटी AGCM (इटैलियन कॉम्पीटिशन एंड मार्केट अथॉरिटी) ने मोबाइल कंपनी ऐपल और सैमसंग पर 124 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों ही कंपनियों पर सॉफ्टवेयर अपडेट के बहाने जानबूझकर उपभोक्ताओं के फ़ोन के सॉफ्टवेयर को स्लो करने का आरोप लगा है, जिसके तहत AGCM ने ऐपल और सैमसंग पर 50 लाख यूरो यानी करीब 42 करोड़ रुपये का ज़ुर्माना लगाया है।

 

 

AGCM ने कहा ये कंपनियां काफ़ी समय से अपने ग्राहकों को मोबाइल फ़ोन अपग्रेड करने के अपडेट्स भेज रही थीं, लेकिन असल में वो अपडेट्स फ़ोन को अपग्रेड करने के बजाए उसके सॉफ्टवेयर को स्लो कर रहे थे, ऐसा करने के पीछे कंपनियों की मंशा ग्राहकों को नया फ़ोन लेने के लिए मजबूर करने की थी। अथॉरिटी ने ऐपल पर 10 और सैमसंग पर 5 मिलियन यूरो का ज़ुर्माना लगाया है।

 

 

साल 2016 से ही ऐपल अपने ग्राहकों को सॉफ्टवेयर अपडेट के नोटिफिकेशन भेज रहा है। इस अपडेट के बाद ऐपल के आईफ़ोन्स स्लो होने लगे थे, जिसके चलते कंपनी को ग्राहकों से माफ़ी भी मांगनी पड़ी थी।


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इसी तरह सैमसंग ने भी गैलेक्सी नोट-4 यूज़र्स को ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करने के लिए कहा, जिसने यूज़र्स के फ़ोन्स को स्लो कर दिया था। AGCM ने ऐपल पर 50 लाख यूरो का ज़ुर्माना इसलिए लगाया क्योंकि ऐपल ने अपने यूज़र्स को बैटरी से संबंधित जरूरी जानकारी दी ही नहीं थी, हालांकि बाद में कंपनी ने इसके लिए माफ़ी मांगते हुए आईफ़ोन्स की बैटरी सस्ती कर दी थी।

 

 

जाहिर है दोनों ही नामी कंपनियां गलत व्यापारिक नीतियों के तहत काम कर रही है। वहीं सैमसंग ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है, कंपनी का कहना है वो इटली के इस फ़ैसले से निराश है। उसने अपने ग्राहकों को बेस्ट एक्सपीरियंस देने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट का नोटिफिकेशन भेजा था, न कि फ़ोन को स्लो करने के लिए।

 

 

बहरहाल, कंपनियां अब भले ही कितनी भी सफ़ाई दें, मगर इस खबर का असर अब उनके फ़ोन्स पर बिक्री पर तो पड़ेगा ही।

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